खुरई तहसील के रीठौर क्षेत्र में स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने से करीब 52 विद्यार्थी गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बच्चों को रोजाना अपने-अपने घरों से पानी लाना पड़ रहा है।
विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने बताया कि वे बीते कई महीनों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। छात्र शारदा अहिरवार और हर्षित नामदेव के अनुसार जुलाई माह से ही उन्हें घर से पानी लाना मजबूरी बन गया है। कई बार स्कूल समय के दौरान पानी खत्म हो जाता है, ऐसे में उन्हें बायपास सड़क पार कर दोबारा घर से पानी लेने जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

बायपास रोड पर हादसों का खतरा
स्थानीय नागरिक नरेंद्र सेन और हेमलता सौर ने बताया कि स्कूल बायपास रोड के ठीक किनारे स्थित है और चारों ओर बाउंड्री वॉल भी नहीं है। बायपास पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बच्चों के स्कूल आने-जाने और पानी लेने सड़क पार करने के दौरान हादसे का डर हमेशा बना रहता है। लोगों का कहना है कि किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
बाउंड्री वॉल न होने के कारण विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों का प्रवेश भी हो रहा है। प्रधानाध्यापक के अनुसार रात के समय कुछ लोग स्कूल परिसर में शराब पीते हैं और सुबह स्कूल खुलने पर शराब की खाली बोतलें पड़ी मिलती हैं। इससे न केवल स्कूल का माहौल खराब हो रहा है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

हैंडपंप खराब, शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई
विद्यालय के प्रधानाध्यापक जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि स्कूल में लगा हैंडपंप पूरी तरह खराब हो चुका है और फिलहाल उसे सुधारने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों को शिकायतें की गई हैं और जनसुनवाई में भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रधानाध्यापक ने बाउंड्री वॉल के अभाव और बायपास रोड के कारण बच्चों की सुरक्षा पर लगातार मंडरा रहे खतरे को भी गंभीर बताया। उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में रीठौर के अलावा सहोद्रा राय वार्ड के बच्चे भी पढ़ने आते हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल में जल्द से जल्द पेयजल की व्यवस्था की जाए, हैंडपंप की मरम्मत कराई जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल सके।