श्रद्धालु संतोष सिंह ठाकुर ने बताया कि यह उनकी आठवीं वार्षिक पदयात्रा है। 165 किलोमीटर की यह यात्रा 6 दिनों में पूरी होगी। यात्रा का पहला रात्रि विश्राम 26 जनवरी को जरुआखेड़ा में होगा।
इसके बाद, 27 जनवरी को यात्रा सागर की सिंधी धर्मशाला में, 28 जनवरी को सुरखी में, 29 जनवरी को देव हनुमान मंदिर गौरझामर में और 30 जनवरी को श्री राधा रमण मंदिर महाराजपुर में रात्रि विश्राम करेगी। 31 जनवरी की सुबह श्रद्धालु बरमान के गोपाल घाट पहुंचेंगे।

बरमान पहुंचकर, सभी श्रद्धालु घाटों की साफ-सफाई करेंगे, स्नान करेंगे और मां नर्मदा की विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करेंगे। 1 फरवरी को बरमान में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नर्मदा घाटों को स्वच्छ और सुंदर बनाना तथा नदी से हो रहे अवैध उत्खनन को बंद कराना है।
पदयात्रा खुरई के पुराने हनुमान मंदिर से शुरू होकर परसा चौराहा, झंडा चौक, पठार, सागर नाका चौराहा और नए बस स्टैंड से होते हुए सागर रोड पर रवाना हुई। नगर में जगह-जगह भक्तों का स्वागत किया गया, जहां लोगों ने ‘मां नर्मदे हर’ के जयकारे लगाए और श्रद्धालु भजनों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े।