
“संस्कृति विभाग करेगा स्थाई संचालन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा को मिला अमल“
गढ़ाकोटा में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रहस मेला अब मध्यप्रदेश सरकार के वार्षिक कला पंचांग में शामिल कर लिया गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गढ़ाकोटा प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है।

प्रदेश के संस्कृति विभाग के अंतर्गत संस्कृति संचालनालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के कला पंचांग में गढ़ाकोटा के रहस मेले को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया है। इसके साथ ही अब इस मेले का संचालन शासन स्तर पर स्थाई रूप से संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा।
गढ़ाकोटा का रहस मेला लोक सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाओं का एक अनूठा संगम है, जो क्षेत्रीय कलाकारों, लोकनाट्य मंडलियों और धार्मिक आयोजनों को मंच प्रदान करता है। इसे अब राज्य स्तर पर पहचान मिलने से इसकी गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक महत्व को और बल मिलेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और रहवासियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि यह मेला अब राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाएगा।