कभी शांत माने जाने वाले गढ़ाकोटा का माहौल बीती रात अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब शासकीय शराब दुकान पर कुछ दबंग तत्वों ने खुलेआम गुंडागिरी करते हुए वसूली की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार यह लोग शराब दुकान संचालकों से पैसे की मांग कर रहे थे और धमकी भरे लहजे में तले (टोकन/कुपन) लगाने का दबाव बना रहे थे।

दुकान पर खरीददारी करने पहुंचे कुछ ग्राहकों ने बताया कि गुंडे बेखौफ दुकान में घुसे और कर्मचारियों को डराने लगे। माहौल ऐसा था, जैसे कानून को जेब में रखकर चलने की आदत हो। कर्मचारी सहमे हुए नज़र आए और स्थानीय लोग घटना को देखते हुए भी खामोश रहे, जैसे डर ने उनकी आवाज़ को गिरवी रख दी हो।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद भी कोई तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दी। लोग कह रहे हैं कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में मूक दर्शक बना रहा, और यही चुप्पी लोगों के भीतर चिंता और आक्रोश दोनों भर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर शासकीय दुकान तक में गुंडागिरी हो रही है और प्रशासन कंधे उचकाकर रह जा रहा है, तो फिर आम जनता की सुरक्षा किसके भरोसे है। यह घटना केवल एक दुकान तक सीमित नहीं, बल्कि क़ानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है।
वहीं सूत्रों के अनुसार दुकान संचालकों ने थाने में शिकायत की तैयारी शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। लोगों की मांग है कि पुलिस तुरंत आरोपियों पर कार्रवाई करे, ताकि यह संदेश जाए कि गढ़ाकोटा में कानून से ऊपर कोई नहीं।
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