सागर, 10 जुलाई 2025
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोराजी में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक गरिमामय एवं प्रेरणास्पद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्री शैलेंद्र कुमार जैन उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में गुरु की महत्ता को गहनता से रेखांकित किया।

भावनात्मक जुड़ाव: “यह मेरा विद्यालय है”
विधायक जैन ने कहा, “मैंने भी इसी विद्यालय से पढ़ाई की है। आज जब मैं यहां आता हूं तो मुझे अपना बचपन याद आता है। विद्यालय की वर्तमान स्थिति देखकर गर्व होता है कि अब यह नगर के सफलतम विद्यालयों में गिना जाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब वे पढ़ते थे तब फट्टियों पर बैठकर अध्ययन करते थे, लेकिन आज बच्चों को फर्नीचर की सुविधा प्राप्त है – यह समय का बदलाव है, और यह तभी संभव हुआ जब स्कूल में सुधार हेतु समर्पण से कार्य किया गया।
शिक्षकों का सम्मान, स्वागत से इंकार
विधायक शैलेंद्र जैन ने आयोजकों से स्वयं के स्वागत से विनम्रतापूर्वक इनकार करते हुए, विद्यालय के सभी 36 शिक्षक-शिक्षिकाओं का शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ से स्वयं सम्मान किया। उन्होंने कहा कि असली सम्मान के अधिकारी वे गुरुजन हैं, जिन्होंने पीढ़ियों को गढ़ने का कार्य किया है।
गुरु की महिमा पर प्रेरणादायक उद्बोधन
विधायक ने भारतीय संस्कृति में गुरु की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “अगर हम पूरी धरती को कागज बना लें, वृक्षों को कलम और समुद्र को स्याही, तब भी गुरु की महिमा को पूर्ण रूप से नहीं लिखा जा सकता।” उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि वे ईमानदारी, समर्पण और निरंतरता के साथ गुरु के मार्गदर्शन में चलते हैं तो उन्हें मंजिल तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता।
उपस्थिति और सहभागिता
कार्यक्रम में शाला प्राचार्य श्रीमती आशा जैन, पूर्व प्राचार्य ए. के. जैन, अरविंद बड़ोनिया, हरिओम तिवारी, तरुण दुबे, धर्मेश रावत, श्रेयांश जैन, अर्चना तिवारी, आरती तिवारी, श्वेता जैन, रूपेश सोनी, राजेश तिवारी, रानी कोष्टी सहित समस्त शाला परिवार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भावनात्मक एवं गरिमामय ढंग से किया गया।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन महज एक परंपरा नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत प्रस्तुति बन गया। विधायक शैलेंद्र जैन का यह भावपूर्ण जुड़ाव और शिक्षकों के प्रति सम्मान भाव शिक्षा के क्षेत्र में नई प्रेरणा का संचार करता है।