सागर शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय ने गैस किट से संचालित स्कूल वैनों पर बड़ी कार्रवाई की है। परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशों के तहत आरटीओ सागर श्री मनोज कुमार तेहनगुरिया द्वारा 31 जुलाई को शहरी क्षेत्र में संचालित स्कूल वाहनों की चेकिंग अभियान चलाया गया।

चेकिंग अभियान की कार्यवाही
अभियान के दौरान कुल 9 स्कूली वाहनों की गहनता से जांच की गई, जिनमें से 3 मारुति वैन क्रमांक –
- MP04CA1549,
- MP09BA6384,
- MP20BA3181 –
गैस किट से संचालित पाई गईं। इन वाहनों को तत्काल जप्त कर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया। साथ ही सुरक्षा मानकों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए इन वैनों की गैस भी तत्काल रूप से निष्क्रिय कर दी गई।
आरटीओ ने स्पष्ट किया कि चेकिंग अभियान के बावजूद कुछ वाहनस्वामी गैस किट लगाकर अपने वाहन स्कूलों में संचालित कर रहे हैं, जो बच्चों की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों और अभिभावकों से अपील की कि वे गैस किट से संचालित या ओवरलोड वाहनों में अपने बच्चों को स्कूल न भेजें।
बीना की घटना ने खींचा प्रशासन का ध्यान
आरटीओ कार्यालय ने दिनांक 25 जुलाई 2025 को बीना क्षेत्र के ग्राम देहरी में घटित एक और गंभीर घटना की जानकारी साझा की। एक स्कूल बस चालक ने लापरवाही पूर्वक बच्चों से भरी बस को पानी के तेज बहाव के बीच पुलिया से निकालने की कोशिश की, जिससे बच्चों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित चालक को तत्काल नोटिस जारी कर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 19(क) के तहत उसके ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

स्कूल बस संचालकों को सख्त निर्देश
आरटीओ मनोज तेहनगुरिया ने समस्त स्कूल बस संचालकों को उच्चतम न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने वाहन संचालन से जुड़ी निम्नलिखित आवश्यक शर्तों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया:
- प्रत्येक स्कूली वाहन में स्पीड गवर्नर होना अनिवार्य,
- वाहन की कंडीशन सही होनी चाहिए,
- वैध बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र और मोटरयान कर भुगतान प्रमाण अनिवार्य,
- फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र वाहन में उपलब्ध हो,
- चालक के पास हैवी ड्राइविंग लाइसेंस हो और वह निर्धारित गणवेश में हो,
- वाहन में केवल बैठक क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाया जाए।
यदि चेकिंग के दौरान इन मानकों की अवहेलना करते वाहन पाए गए, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरंतर जारी रहेगा अभियान
आरटीओ कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्यवाही केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आरटीओ सागर की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट संकेत गया है कि प्रशासन अब बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं करेगा। गैस किट से संचालित, ओवरलोडेड और बिना अनुमति के चलने वाले स्कूल वाहनों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए नियमों का पूर्णतः पालन करें।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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