गौरझामर थाना पुलिस ने अपहरण, हत्या और लूट के मामले में अंतिम आरोपी को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान बरामद किया।

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दिनांक 17 अक्टूबर 2024 को ग्राम नयानगर निवासी नीलेश लोधी ने अपने पिता प्रहलाद सिंह लोधी (उम्र 61 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे उनके पिता ग्राम नयानगर नर्सरी के पास से गायब हो गए।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और थाना महाराजपुर क्षेत्र के ग्राम नेगुवा के जंगल में प्रहलाद लोधी का शव मिला। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह हत्या का मामला है। थाना महाराजपुर ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए मामला थाना गौरझामर स्थानांतरित किया। यहां अपराध क्रमांक 286/24 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1), 104(1), 309(6), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज किया गया।

घटना की गंभीरता और पुलिस की कार्रवाई:

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार शाहवाल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा, एसडीओपी देवरी श्री शशिकांत सरयाम, और थाना प्रभारी गौरझामर श्री हरिराम मानकर के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने कार्य किया।

मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर, तकनीकी साधनों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था:

  1. सरमन लोधी
  2. टिक्कू उर्फ टीकाराम लोधी
  3. रीतेश उर्फ नीतेश लोधी
  4. बृजेश मेहरा

इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

हत्या और लूट की घटना:

पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि घटना का मुख्य कारण पुरानी चुनावी रंजिश थी। आरोपियों ने प्रहलाद लोधी का

  • मुंह, हाथ, और पैर बांधकर
  • ग्राम नयानगर से तूफान गाड़ी में अपहरण किया।
  • महाराजपुर क्षेत्र के ग्राम नेगुवा के सुनसान जंगल में ले जाकर उनकी सोने की चेन छीन ली।
  • लाठी, पत्थर और चाकू से बेरहमी से हमला कर उनकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।

अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी:

मामले का पांचवां और अंतिम आरोपी अरविंद सिंह चौहान (पिता मंगल सिंह चौहान, उम्र 50 वर्ष, निवासी बरोदिया रैन, थाना पाली, जिला ललितपुर, उत्तर प्रदेश) घटना के बाद से फरार था।

  • पुलिस ने तकनीकी स्तर पर प्रयास कर और मुखबिर से सूचना प्राप्त कर दिनांक 25 नवंबर 2024 को आरोपी को बंगरिया बस स्टैंड (पाली) से गिरफ्तार किया।
  • पूछताछ में अरविंद सिंह ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की और बताया कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या और लूट की योजना बनाई थी।
  • आरोपी के पास से लूटी गई सोने की अंगूठी बरामद की गई।

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान:

इस मामले की सफल विवेचना और गिरफ्तारी में थाना गौरझामर की पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से निम्नलिखित पुलिसकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई:

  1. थाना प्रभारी: हरिराम मानकर
  2. सहायक उपनिरीक्षक: खिलान सिंह, चंद्रभान पांडेय
  3. प्र.आर.: उमाकांत मिश्रा, सुधीर रिछारिया, अनिल कन्नौजिया, माखन भटेरिया
  4. आरक्षक: आदित्य, मुकेश पटेल, दीपेश, दुर्गेश, नीतू, अरुण, प्रमोद, रवि दुबे
  5. महिला आरक्षक: सायमा खान
  6. साइबर सेल: प्र.आर. सौरभ

गौरझामर पुलिस की त्वरित और कुशल कार्रवाई से हत्या और लूट के इस जघन्य मामले को सुलझाने में सफलता मिली। आरोपी अरविंद चौहान की गिरफ्तारी से मामले की विवेचना पूरी हुई और लूटा गया सामान बरामद किया गया। यह घटना पुलिस की सतर्कता और कुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे न्याय सुनिश्चित हुआ और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई।

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