
गौर प्रांगण, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में मंगलवार को भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संविधान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर को भारतीय विश्वविद्यालय संघ के 38वें अंतर-विश्वविद्यालय मध्य क्षेत्र युवा उत्सव “गौर गौरव दिवस” कार्यक्रम के अंतर्गत मनाया गया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, केबिनेट मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विश्वविद्यालय की कुलाधिपति, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, और महापौर श्रीमती संगीता तिवारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तित्व शामिल हुए। इनके साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए लगभग 2500 छात्र-छात्राओं ने भी इस ऐतिहासिक क्षण को साझा किया।
संविधान की उद्देशिका का वाचन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संविधान की उद्देशिका और प्रस्तावना का सामूहिक वाचन रहा। इस प्रक्रिया में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, स्वसहायता समूह के सदस्यों और अन्य नागरिकों ने भाग लिया। गौर प्रांगण “भारत माता की जय” और “जय संविधान” की गूंज से ओतप्रोत हो गया।
कलेक्टर के विशेष निर्देश
सागर जिले के कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार कार्यक्रम को भव्य और जनजागरूकता का माध्यम बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
- स्टैंडी और पोस्टर प्रदर्शन: संविधान में लिखे कर्तव्यों और अधिकारों के स्टैंडी एवं पोस्टर प्रांगण में लगाए गए।
- उद्देशिका का पत्रक वितरण: उपस्थित जनप्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और नागरिकों को संविधान की उद्देशिका का वाचन करने के लिए पत्रक वितरित किए गए।
- जागरूकता अभियान: संविधान के महत्व और उसके द्वारा दिए गए अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया।
उत्सव की सांस्कृतिक छटा
इस अवसर पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से संविधान के आदर्शों और विविधता में एकता की भावना को प्रदर्शित किया।
संविधान का अमृत महोत्सव
कार्यक्रम के दौरान संविधान का अमृत महोत्सव मनाया गया, जो संविधान की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित था। इसे भारतीय लोकतंत्र और उसके द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों का उत्सव माना गया।
समाज के हर वर्ग की सहभागिता
कार्यक्रम में स्वसहायता समूहों के सदस्य, गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी, और विश्वविद्यालय परिवार ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। यह आयोजन संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उसके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का अनूठा उदाहरण बना।
इस तरह, संविधान दिवस का यह आयोजन न केवल गौर प्रांगण बल्कि पूरे सागर के लिए एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ।