टीकमगढ़ से करीब 40 किमी दूर एक युवक बिजली के खंभे पर करंट लगने से जिंदा जल गया। वह बिजली सुधारने के लिए चढ़ा था। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने टीकमगढ़-छतरपुर रोड पर लाखेरी गांव के पास चक्काजाम कर दिया। घटना गुरुवार सुबह बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के डूडीयन खेरा गांव की है।

बताया जा रहा है कि जब युवक बिजली सुधारने के लिए खंभे पर चढ़ा था, तभी किसी ने बिजली चालू कर दी। इससे वह बुरी तरह झुलस गया। मृतक की पहचान मोहन अहिरवार (35) के रूप में हुई है। गांव वालों के अनुसार हादसा लाइनमैन की लापरवाही के कारण हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
सूचना के बाद बल्देवगढ़ तहसीलदार अनिल गुप्ता और थाना प्रभारी प्रीति भार्गव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कंपनी का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। बताया जा रहा कि करीब 4 घंटे से जाम लगा हुआ है।
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लाइनमैन ने अपनी मदद के लिए रखा था भीम आर्मी जिलाध्यक्ष संजय अहिरवार के मुताबिक, टीकमगढ़ जिले के डूडीयन खेरा गांव में लाइनमैन हरिदास अहिरवार ने अपनी मदद के लिए प्राइवेट तौर पर मोहन अहिरवार को साथ रखा था। सुबह करीब 9 बजे लाइनमैन के कहने पर मोहन बिजली सुधारने के लिए खंभे पर चढ़ा था कि अचानक सप्लाई चालू हो गई। तेज करंट लगने से मोहन अहिरवार जिंदा जल गया। हादसे के बाद उसका शव करीब 4 घंटे तक खंभे पर लटका हुआ है।
बल्देवगढ़ तहसीलदार डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि शव नीचे उतारने के लिए टीम बुलाई गई है। मृतक टपरियन गांव का रहने वाला था। घर में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी देने और परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। अभी भी मौके पर लोगों की भीड़ जमा है। पुलिस और अधिकारी समझाने के प्रयास में जुटे हैं।
मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी की मांग
ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इस पर तहसीलदार अनिल गुप्ता ने कहा कि बिजली कंपनी का कोई आने को तैयार नहीं है। आप लोग जानते हैं। आपसे कोई घटना घट जाए तो आप भी मौके पर नहीं जाओगे। लोगों ने मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी की मांग की। इस पर तहसीलदार ने कहा कि नौकरी विभाग देता है। यह बिजली कंपनी का मामला है। उनके अधिकारियों से बात करेंगे। सहयोग में अगर एक नौकरी दे सकते हैं तो देना चाहिए।