धार जिले के ग्रामीण इलाकों में कुत्ते के काटने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। जिला अस्पताल में हर माह औसतन 200 से 300 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव देखा जा रहा है। कई मरीज समय पर रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवा पाते, जिससे संक्रमण और जान का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विभाग ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अब बड़ी राहत दी है। जिला अस्पताल में 500 डोज रैबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 200-200, सिविल अस्पतालों में 200 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 100 डोज भेजी गई हैं।
सीएमएचओ डॉ. आरके शिंदे ने बताया कि अब किसी मरीज को इंजेक्शन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सभी प्रमुख अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त वैक्सीन स्टॉक कर दी गई है। विभाग का दावा है कि अब जिले में रैबीज वैक्सीन की कोई कमी नहीं होगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत मिलने की उम्मीद है।