ग्राम पंचायत सचिवों पर लापरवाही के लिए जुर्माना !

Spread the love

जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास की गति को तेज करने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से सख्त कार्रवाई का रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री संदीप जी.आर. के सख्त निर्देशानुसार, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सचिवों पर अपने कार्यों में लापरवाही बरतने और प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के अंदर न करने के कारण जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेशों के अनुसार, कुल 36 ग्राम पंचायत सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है, जिसकी राशि को तीन दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है।

कार्रवाई का आधार: लापरवाही और समयसीमा उल्लंघन

जिला प्रशासन के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिवों का मुख्य दायित्व ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का समन्वय, शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना तथा विभिन्न प्रकरणों का त्वरित निराकरण करना है। लेकिन कई सचिवों द्वारा इन दायित्वों का निर्वहन समय पर न करने से ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने इसकी गंभीर समीक्षा की और लापरवाही के आधार पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना है। “समयबद्ध कार्य निष्पादन ही ग्रामीण विकास का मूल मंत्र है। लापरवाही से न केवल योजनाओं का उद्देश्य विफल होता है, बल्कि जनता का विश्वास भी कमजोर पड़ता है,” श्री संदीप ने अपने आदेश में स्पष्ट किया।

यह कार्रवाई सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत की गई है, जिसमें जिला प्रशासन विभिन्न विभागों में अनियमितताओं की जांच कर सुधारात्मक कदम उठा रहा है। जुर्माने की राशि प्रत्येक मामले में कार्यों की गंभीरता के आधार पर निर्धारित की गई है, जो आमतौर पर 500 से 2000 रुपये तक है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना जमा न किया गया, तो आगे की सख्तीपूर्ण कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वेतन कटौती या विभागीय जांच शामिल हो सकती है।

प्रभावित सचिवों की सूची: जनपद पंचायत बंडा से देवरी तक

कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश में जनपद पंचायत बंडा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के सचिवों पर विशेष रूप से जुर्माना लगाया गया है। इनमें सतीश तिवारी, सचिव ग्राम पंचायत बिहारीपुरा; जितेंद्र राजपूत, सचिव ग्राम पंचायत सरखड़ी जैसीनगर; संतोष तिवारी, सचिव ग्राम पंचायत चकेरी जैसीनगर; रामकुमार चौबे, सचिव ग्राम पंचायत साजी बंडा; जमना दुबे, सचिव ग्राम पंचायत कलराहो बंडा; रामकुमार चौबे, सचिव ग्राम पंचायत पिडरूआ बंडा; रणवीर सिंह ठाकुर, सचिव ग्राम पंचायत चकेरी बिनैका बंडा; गौर कृष्ण दास ठाकुर, सचिव ग्राम पंचायत कंदारी बंडा; राजेंद्र ठाकुर, सचिव ग्राम पंचायत वीजरी बंडा; भगवानदास बैरागी, सचिव ग्राम पंचायत नैनधरा बंडा; भगवान सिंह लोधी, सचिव ग्राम पंचायत चारौधा बंडा शामिल हैं।

इसी क्रम में जनपद पंचायत केसली के सचिवों पर भी कार्रवाई हुई है। इनमें हरिकांत दुबे, सचिव ग्राम पंचायत बरखेरा सिकंदर रहली; कुंजन लोधी, सचिव ग्राम पंचायत बाकोरी केसली; नरेंद्र पाल, सचिव ग्राम पंचायत नयानगर केसली; सतीश तिवारी, सचिव ग्राम पंचायत खेरीकला केसली; संतोष राजपूत, सचिव ग्राम पंचायत धावरीउमरिया केसली; कमल अहिरवार, सचिव ग्राम पंचायत केसली; बलवंत सिंह, सचिव ग्राम पंचायत देहुक्षुआ केसली; तुलसीराम विश्वकर्मा, सचिव ग्राम पंचायत मोहासा केसली; रामप्रकाश यादव, सचिव ग्राम पंचायत पलोहा केसली; लखन राय, सचिव ग्राम पंचायत केरपानी केसली; निरंजन खरे, सचिव ग्राम पंचायत खटोला केसली; रमेश दुबे, सचिव ग्राम पंचायत महुआखेडा केसली शामिल हैं।

जनपद पंचायत देवरी के अंतर्गत लखन लोधी, सचिव ग्राम पंचायत मडखेरा देवरी; गणेश सिंह, सचिव ग्राम पंचायत वीना देवरी; कमल सिंह राजपूत, सचिव ग्राम पंचायत पिपरिया पाठक देवरी; रामकुमार शुक्ला, सचिव ग्राम पंचायत सुना पंजारा देवरी; शरद कुमार दुबे, सचिव ग्राम पंचायत रामखिरिया देवरी पर जुर्माना लगाया गया। जनपद पंचायत मालथौन में संतोष विश्वकर्मा, सचिव ग्राम पंचायत रेडोन मालगुजारी मालथौन; अखिलेश जैन, सचिव ग्राम पंचायत सागोनी मालथौन; महेश सेन, सचिव ग्राम पंचायत जुझारपुरा मालथौन; चंद्रभान विश्वकर्मा, सचिव ग्राम पंचायत उजनेट मालथौन शामिल हैं। अंत में, जनपद पंचायत शाहगढ़ के राजेंद्र सिंह, सचिव ग्राम पंचायत सादपुर शाहगढ़ तथा भानुप्रताप सिंह, सचिव ग्राम पंचायत पुराशाहगढ़ पर भी कार्रवाई की गई।

जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने इस कार्रवाई को एक चेतावनी के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर नियमित मॉनिटरिंग करेगा, ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। “हमारा लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाएं समय पर लागू हों। पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती ही ग्रामीण भारत को सशक्त बनाएगी,” उन्होंने जोर देकर कहा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई से अन्य सचिवों में भी जागरूकता आई है और अब कार्यों का निपटारा तेजी से हो रहा है।

ग्रामीणों का मत: सकारात्मक प्रतिक्रिया

ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। बंडा जनपद के एक ग्रामीण ने कहा, “लंबे समय से पेंशन और विकास कार्यों में देरी हो रही थी। अब उम्मीद है कि सचिव समय पर काम करेंगे।” इसी प्रकार, केसली के एक हितग्राही ने बताया कि जुर्माने की खबर से स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ गई है। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक सुधार लाएगी, बल्कि ग्रामीणों में विश्वास भी जगाएगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के नेतृत्व में सागर जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है। जुर्माना जमा करने की तीन दिवसीय समय सीमा के साथ यह आदेश तत्काल प्रभावी है। भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी, और शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेंगी। यह कदम मध्य प्रदेश सरकार की ‘सेवा ही संगठन’ की नीति को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *