ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला कोर्ट ने नकली भारतीय करेंसी (जाली नोट) मामले में सुनवाई कर दोनों आरोपियों को दोषी पाया है। कोर्ट ने आरोपियों को 5-5 साल के कारावास के साथ-साथ 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यदि जुर्माना नहीं भरा गया तो अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी।
मामला साल 2024 का
यह मामला ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 21 और 23 अप्रैल 2024 को कार्रवाई करते हुए दो युवकों धर्मवीर सिंह और सचिन को पकड़ा था। तलाशी के दौरान धर्मवीर सिंह के पास 100 रुपये के 18 और 50 रुपये के 42 जाली नोट मिले। वहीं सचिन के पास 100 रुपये के दो और 50 रुपये के पांच नोट बरामद हुए।

नकली नोट की पुष्टि
पुलिस ने जाली नोटों की जांच के लिए उन्हें बैंक नोट प्रेस, देवास भेजा। वहां से मिली रिपोर्ट में नोटों के नकली होने की पुष्टि हुई।
कोर्ट का फैसला
सुनवाई में पुलिस गवाहों, जाली नोटों, प्रत्यक्षदर्शियों और बैंक नोट प्रेस देवास की विशेषज्ञ रिपोर्ट को आधार मानते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने भारतीय मुद्रा से जुड़े गंभीर अपराध को देखते हुए उन्हें पांच-पांच साल के कारावास और 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी सुनाया।