ग्वालियर। दो महीने पहले घासमंडी क्षेत्र के कोटेश्वर रोड पर हुई गैंगवार की घटना में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश मनीष यादव को पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गैंगवार के मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया समेत 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
35 से अधिक गोलियां चली थीं
घटना तब हुई थी जब शिवनगर घोसीपुरा निवासी विजय सिंह गौड़ अपने दोस्त बल्लू सरदार और हाकिम सिंह बघेल पाटनकर के साथ कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बदमाश रिंकू कमरिया गैंग ने उन्हें घेर लिया और करीब 15 मिनट तक अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में विजय गौड़ को तीन गोलियां और हाकिम सिंह को एक गोली लगी थी। वारदात में बदमाशों ने दोस्त को छोड़कर विशेष रूप से हवलदार के बेटे और अन्य युवकों को निशाना बनाया।

पुलिस ने किया फरार बदमाश मनीष यादव को गिरफ्तार
ग्वालियर थाना प्रभारी टीआई शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास के मामले में मनीष यादव घासमंडी चौराहा के पास देखा गया है। पुलिस टीम में एसआई अजय सिंह सिकरवार, आरक्षक ब्रजकिशोर, अर्पण त्रिपाठी, नागर सिंह और अशोक गुर्जर शामिल थे।
पुलिस को देखते ही मनीष यादव भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसे पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान मनीष यादव पुत्र पलुआ उर्फ परमाल सिंह यादव, निवासी बुलबुलपुरा, मिर्जापुर, घासमंडी के रूप में हुई।

विवाद की वजह: पांच लाख रुपए का लेन-देन
घायल विजय गौड़ ने बताया कि यह हमला रिंकू कमरिया से पांच लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ था। कई बार रुपए मांगने के बावजूद रिंकू ने पैसा नहीं लौटाया और धमकी दी कि दोबारा पैसे मांगने पर गोली मार देगा।

पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी
मास्टरमाइंड रिंकू कमरिया सहित गैंग के 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। इस गैंगवार के फिलहाल सिर्फ राहुल फौजी फरार हैं, जिसकी तलाश जारी है।
ग्वालियर पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।