मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बुधवार सुबह एक रिहायशी इलाके में स्थित अपार्टमेंट में आग लगने से हड़कंप मच गया। राजश्री अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर बने एक केमिकल गोदाम से शुरू हुई यह आग देखते ही देखते पहली मंजिल तक फैल गई। हालांकि, समय रहते पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
कैसे लगी आग?
जानकारी के अनुसार, अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर एक गोदाम संचालित किया जा रहा था, जिसमें स्याही के ड्रम और सर्जिकल सामान रखा हुआ था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, आग सर्जिकल वेस्ट मटेरियल में लगी, जो तेजी से फैल गई। वहीं, कुछ अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट को भी संभावित कारण बताया है, हालांकि वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।

तेजी से फैली आग और धुएं से भरा अपार्टमेंट
आग लगते ही पूरे अपार्टमेंट में घना धुआं भर गया, जिससे वहां रहने वाले करीब 20 परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग अपने फ्लैट्स में ही फंस गए थे और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था।
स्थानीय निवासी लक्ष्मी राठौर ने बताया कि “हम पूरी तरह फंस गए थे। नीचे जाने का रास्ता धुएं से भरा था और ऊपर टॉवर लगा हुआ था। बच्चों को एक-एक करके बाहर निकाला गया। बहुत मुश्किल से जान बची।”
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। साथ ही एसडीआरएफ की टीम ने भी तुरंत मोर्चा संभाला। राहत कार्य के तहत सबसे पहले अपार्टमेंट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सुरक्षा के मद्देनजर घरों में रखे गैस सिलेंडरों को बाहर निकाला गया, ताकि आग और न भड़क सके। इसके अलावा गोदाम में रखे स्याही के ड्रम भी बाहर निकाल दिए गए।
दमकल की तीन गाड़ियों ने पाया काबू
आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों के साथ एक केमिकल फोम वाहन का उपयोग किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, घटना के बाद भी कुछ समय तक धुआं निकलता रहा, जिस पर फोम डालकर नियंत्रित किया गया।

संकरा रास्ता बना चुनौती
राहत कार्य के दौरान एक बड़ी समस्या यह रही कि अपार्टमेंट तक पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा था। इसके कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, टीमों ने समय पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया।
रहवासियों की नाराजगी
घटना के बाद रहवासियों में नाराजगी भी देखने को मिली। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में केमिकल गोदाम होना ही खतरनाक है। कई बार इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
एक अन्य निवासी रेशमा ने बताया कि “हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। हर तरफ धुआं था। किसी तरह बाहर निकल पाए।”
प्रशासन का बयान
सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि गोदाम में रखे स्याही के ड्रम सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और अब केवल धुएं को नियंत्रित किया जा रहा है। एसडीआरएफ की टीम अभी भी मौके पर मौजूद है और राहत कार्य जारी है।
जांच जारी
फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। गोदाम के मालिक की पहचान और लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या रिहायशी इलाके में इस प्रकार के गोदाम का संचालन नियमों के तहत हो रहा था या नहीं।
बड़ा हादसा टला
यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह आग बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। अपार्टमेंट में गैस सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल्स मौजूद थे, जिससे विस्फोट की आशंका भी थी। लेकिन राहत टीमों की तत्परता और स्थानीय लोगों की सजगता से स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
ग्वालियर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि रिहायशी इलाकों में खतरनाक सामग्री के गोदाम क्यों संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल, सभी निवासी सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने लोगों के मन में डर जरूर पैदा कर दिया है।