ग्वालियर में सात मंजिला इमारत में हुए विस्फोट से दो घायल, गैस रिसाव की आशंका !

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ग्वालियर, 5 मार्च 2025: ग्वालियर के एक सात मंजिला इमारत में मंगलवार रात करीब दो बजे विस्फोट होने से हड़कंप मच गया। फ्लैट की दीवार गिर गई और आसपास के फ्लैट भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में एक महिला और उसका देवर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। विस्फोट के कारण और कारणों की जांच जारी है, लेकिन शुरुआती जांच में गैस रिसाव के कारण विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना का विवरण
ग्वालियर के लेगेसी प्लाजा नामक सात मंजिला इमारत के L-1 फ्लैट में यह हादसा हुआ। फ्लैट रंजना राणा (34) का है, जो अपने दो बच्चों और पति के साथ सातवें फ्लोर पर रहती थी। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे इमारत में हलचल मच गई और इमारत के 100 मीटर तक के दरवाजे उखड़ गए। साथ ही, इमारत की दो लिफ्ट भी टूटकर गिर पड़ीं। विस्फोट का केंद्र पहला फ्लैट था, लेकिन इस हादसे ने इमारत के L-2 और L-3 फ्लैटों को भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया, हालांकि इनमें कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था।

विस्फोट के वक्त फ्लैट में मौजूद थे रंजना और उसका देवर
रंजना और उसके देवर अनिल जाट विस्फोट के वक्त फ्लैट में ही मौजूद थे। विस्फोट के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। रंजना के कपड़े जल चुके थे और उसका शरीर झुलस चुका था। अनिल भी गंभीर रूप से झुलसा हुआ था। विस्फोट के बाद रंजना के बेटे अभिषेक (14) ने अपनी मां से फोन पर संपर्क किया और विस्फोट के बारे में जानकारी ली। रंजना ने उसे जल्दी आने के लिए कहा। जब अभिषेक नीचे पहुंचा तो उसने अपनी मां को झुलसी हालत में पाया और अनिल को भी गंभीर स्थिति में देखा। दोनों को जल्द ही अस्पताल भेजा गया।

गैस रिसाव से होने की संभावना
पुलिस के अनुसार, विस्फोट के कारण की प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव का अनुमान जताया गया है। पुलिस ने बताया कि फ्लैट में एक नया एलपीजी सिलेंडर लगाया गया था, जो आधा खाली था। आशंका है कि इसी गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ। फ्लैट में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, और बम डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस का मानना है कि गैस के दबाव के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन फिलहाल इस संबंध में अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।

फ्लैट किराए पर लिया गया था
रंजना ने पांच महीने पहले ही L-1 फ्लैट खरीदी थी, जिसे वह किराए पर देती थी। इस फ्लैट को 20 दिन पहले दो लड़कियों ने किराए पर लिया था, लेकिन वे सोमवार को अचानक इसे खाली करके चली गईं। रंजना रात करीब 11 बजे अपने बेटे और बेटी को यह कहकर घर से बाहर निकली थी कि फ्लैट की सफाई करनी है और सुबह तक वापस आ जाएगी। हालांकि, उसके बाद यह हादसा हो गया। रंजना के परिजनों का कहना है कि रंजना ने रात 9 बजे कॉल करके अनिल को बुलाया था, ताकि वह फ्लैट में सफाई करने में उसकी मदद कर सके।

पड़ोसियों का बयान
विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इमारत में रहने वाले महेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के 50 से अधिक फ्लैटों के शीशे टूट गए। कुछ लोगों ने तो इसे भूकंप जैसा महसूस किया और वे बच्चों के साथ बाहर की ओर भागे। ज्योति सिंह नामक एक निवासी ने बताया कि विस्फोट के बाद उन्हें एक्सप्लोसिव की गंध आ रही थी और एक व्यक्ति झुलसी हुई हालत में नीचे आ रहा था। उसके कपड़े और बाल जल चुके थे।

पुलिस और फायर ब्रिगेड का ऐक्शन
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। घायल रंजना और अनिल को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने शुरुआत में गैस रिसाव की जांच की और बम डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम को भी मौके पर बुलाया। पुलिस ने किसी भी संदिग्ध वस्तु या एक्सप्लोसिव की गंध की पुष्टि नहीं की है, लेकिन गैस रिसाव के कारण यह हादसा होने की संभावना जताई है।


यह घटना एक बड़ी सुरक्षा चूक और गैस रिसाव के कारण होने वाले संभावित खतरों को उजागर करती है। एलपीजी सिलेंडर का गलत तरीके से उपयोग और गैस रिसाव जैसी स्थितियां गंभीर हादसों का कारण बन सकती हैं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मामले की जांच कर रही हैं, और यह जरूरी है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन कड़ाई से किया जाए।

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