मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की हाईस्कूल परीक्षा मंगलवार से ग्वालियर में शुरू हो गई। इस परीक्षा में कुल 26,744 परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। परीक्षा संचालन के लिए शहर में 91 केंद्र बनाए गए हैं। सुबह 8:45 बजे तक सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया, जहां पहले उनका विवरण जांचा गया और परीक्षा के नियम समझाए गए। कुछ छात्र केंद्र पर थोड़ी देर से पहुंचे, लेकिन सभी को प्रवेश दिया गया।
परीक्षा में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था
पहला पेपर अंग्रेजी का था, जिसे लेकर कई परीक्षार्थियों के चेहरे पर तनाव देखा गया। जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। परीक्षा संचालन को सुचारू रखने हेतु सात अतिरिक्त केंद्र रिजर्व रखे गए हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।

नकल रोकने के लिए 14 उड़नदस्ते
जिला प्रशासन ने नकल और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए 14 उड़नदस्ते गठित किए हैं। इन दलों में प्रशासनिक अधिकारी, बोर्ड के कर्मचारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये दल परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत सख्त कार्रवाई करें।
केंद्रों में सुविधाओं और निगरानी की व्यवस्था
सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित रख-रखाव, फर्नीचर और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील
जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों से समय पर केंद्र पर पहुंचने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।

महत्वपूर्ण संपर्क नंबर
ग्वालियर के सभी परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर 10वीं और 12वीं परीक्षा के क्रमांक के अलावा महत्वपूर्ण अधिकारियों के फोन नंबर लिखे गए हैं। इसमें कलेक्टर रुचिका चौहान, सीईओ जिला पंचायत सौजान सिंह रावत और जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी के नंबर शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी समय किसी परेशानी या आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।
ग्वालियर प्रशासन और बोर्ड अधिकारियों ने परीक्षा को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं।