चांदपुर-जबलपुर चौराहे से पटैल बब्बा तक बन रही सड़क के तिराहे पर स्थित एक मकान का अतिक्रमण हटाने का प्रयास न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण अचानक रोक दिया गया। नगर पालिका अमला और मशीनों ने करीब एक घंटे तक मकान का हिस्सा ध्वस्त किया, लेकिन न्यायालय द्वारा आदेश दिखाए जाने के बाद कार्रवाई तत्काल बंद कर दी गई।
नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के तहत मकान में दुकान चला रहे अरविंद साहू पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। इस दौरान अरविंद साहू के वकील वीरेंद्र सोनी ने वरिष्ठ खंड व्यवहार न्यायाधीश की अदालत में याचिका दाखिल कर यह अपील की कि मकान को तब तक नहीं तोड़ा जाए जब तक प्रतिवादीगण की अदालत में उपस्थिति नहीं हो। अदालत ने शुक्रवार को ही आदेश जारी किया था कि अपील पर प्रतिवादीगण की उपस्थिति तक मकान यथास्थिति में रहने दिया जाए।

शनिवार को दोपहर 12.32 बजे नगर पालिका का अमला, मशीनें और पुलिस बल अतिक्रमण हटाने के लिए मकान पर पहुंचे और मशीनों से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान 1.40 बजे वकील वीरेंद्र सोनी ने अदालत का स्थगन आदेश मौके पर प्रस्तुत किया। इसके बाद नगर पालिका का अमला और मशीनें तुरंत लौट गए।
तहसीलदार राजेश पांडे भी मौके पर पहुंचे और आदेश को देखा। तहसीलदार ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पूरा सम्मान किया जा रहा है और सीएमओ की अदालत में उपस्थिति तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई है।
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहा है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।