इंदौर।
उद्योगपति चिराग जैन की सनसनीखेज हत्या के सात दिन गुजर जाने के बाद भी आरोपी और बिजनेस पार्टनर विवेक जैन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं, लेकिन जांच की दिशा बैंक अकाउंट और उसके ठिकानों पर केंद्रित हो गई
बैंक खाते फ्रीज, कैश पर कर रहा खर्च
पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद से विवेक ने एक भी बैंक ट्रांजैक्शन नहीं किया। आशंका है कि वह पूरी तरह नकदी पर निर्भर होकर खर्च चला रहा है। इसी वजह से इंदौर पुलिस ने उसके सभी बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र लिख दिया है। विवेक पर पहले ही 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया जा चुका है।

हत्या के बाद गायब, कार जब्त
23 अगस्त की अल सुबह हुए इस हत्याकांड के बाद विवेक अपनी कार से इंदौर बायपास तक गया था। वहां उसने कार खड़ी की और दूसरी गाड़ी में बैठकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है। इसके बाद उसके गुजरात और इंदौर स्थित दोनों बहनों के घरों तथा पैतृक गांव में भी तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
पार्टनरशिप विवाद से हत्या
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। विवेक के घर से मिले पार्टनरशिप के दस्तावेज बताते हैं कि दोनों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
जानकारी के मुताबिक, चिराग जैन विवाद का समझौते के जरिए समाधान चाहते थे, लेकिन विवेक ने इसे हत्या तक पहुंचा दिया।
वारदात का दर्दनाक मंजर
यह घटना इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र के मिलन हाइट्स अपार्टमेंट में हुई।
उस सुबह चिराग की पत्नी जिम गई हुई थीं, जबकि 8 साल का बेटा घर में सो रहा था। इसी दौरान विवेक घर पहुंचा और चिराग पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया।
हमले के बाद चिराग मौके पर ही ढेर हो गए। घटना के समय बेटा नींद से जाग गया और उसने यह सब कुछ देखा। मासूम बेटे ने ही मां को फोन कर बताया कि पापा खून से लथपथ पड़े हैं।

पुलिस की चुनौती बनी फरारी
हत्या के सात दिन बाद भी आरोपी फरार है। इंदौर पुलिस लगातार गुजरात और आसपास के राज्यों में छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेक ने हत्या की प्लानिंग पहले से की थी और वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है।
पीड़ित परिवार का दर्द
चिराग जैन के परिवार और कारोबारी जगत में इस घटना ने गहरा सदमा पहुंचाया है। परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपी को पकड़कर सख्त सजा दिलाने की मांग की है।