दक्षिण अमेरिकी देश चिली में भीषण जंगल की आग ने भारी तबाही मचाई है। आग की चपेट में आकर अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 हजार से ज्यादा लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन तेज हवाओं और अत्यधिक गर्म मौसम ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
यह आग राजधानी सैंटियागो से करीब 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित न्युब्ले और बायोबियो क्षेत्रों में फैली हुई है। बीते दो दिनों से लगातार तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती जा रही है। कई कस्बों में घर, गाड़ियां और पूरी-की-पूरी बस्तियां जलकर राख हो गई हैं।

जान बचाकर भागे लोग
पेंको शहर के 25 वर्षीय छात्र माटियास सिड ने न्यूज एजेंसी AFP से बातचीत में आग की भयावहता बयां करते हुए कहा,
“आग पूरी तरह बेकाबू हो गई थी। आग का बवंडर घरों को निगल गया। हम सिर्फ पहनने के कपड़ों में जान बचाकर निकले। अगर 20 मिनट और रुकते तो जिंदा जल जाते।”
आपातकाल और कर्फ्यू का ऐलान
हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने न्युब्ले और बायोबियो क्षेत्रों में आपातकाल घोषित कर दिया है। आग बुझाने के लिए करीब 4 हजार दमकलकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही सेना की भी मदद ली जा रही है।

राष्ट्रपति बोरिक खुद प्रभावित शहर कॉन्सेप्सियोन पहुंचे और हालात की समीक्षा की। उन्होंने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रात का कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया। रविवार शाम को वे राजधानी सैंटियागो लौट आए। उन्होंने कहा कि सोमवार को वे राष्ट्रपति-निर्वाचित जोस एंतोनियो कास्ट से मुलाकात कर जंगल की आग की स्थिति पर जानकारी साझा करेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा, “मुश्किल वक्त में चिली एकजुट है। सरकार और राष्ट्रपति मिलकर काम करेंगे।”
पोर्ट सिटी लिरक्वेन में हालात सबसे खराब
चिली के पोर्ट सिटी लिरक्वेन में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। करीब 20 हजार की आबादी वाले इस शहर में आग कुछ ही सेकंड में फैल गई।
57 वर्षीय अलेजांद्रो अरेडोंडो ने बताया,
“कई लोग इसलिए बच पाए क्योंकि वे भागकर समुद्र तट पर पहुंच गए। यहां कुछ भी खड़ा नहीं बचा।”
रविवार रात तक लिरक्वेन में सेना सड़कों पर गश्त करती रही। कर्फ्यू के बावजूद कई लोग टॉर्च की रोशनी में मलबा हटाने और आग बुझाने में जुटे नजर आए।

मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
राष्ट्रीय आपदा रोकथाम की निदेशक एलिसिया सेब्रियन ने बताया कि सबसे ज्यादा लोगों को पेंको और लिरक्वेन से सुरक्षित निकाला गया है। दोनों कस्बों की कुल आबादी करीब 60 हजार है।
बायोबियो क्षेत्र के वन संरक्षण एजेंसी प्रमुख एस्टेबान क्राउस ने कहा कि रविवार को मौसम दमकलकर्मियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। तेज हवाएं और बढ़ता तापमान आग को और भड़का रहे हैं, जिससे उसे काबू में लाना मुश्किल हो रहा है।

पहले भी झेल चुका है चिली आग की त्रासदी
चिली हाल के वर्षों में कई बार भीषण जंगल की आग का सामना कर चुका है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं, जहां चरम मौसम, लंबे सूखे और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
फरवरी 2024 में राजधानी सैंटियागो के उत्तर-पश्चिम में स्थित विना डेल मार शहर के पास एक साथ कई आग लगी थीं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उस हादसे में 138 लोगों की मौत हुई थी और करीब 16 हजार लोग प्रभावित हुए थे।
ताजा आग ने एक बार फिर चिली के सामने बड़ी मानवीय और पर्यावरणीय चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, जबकि हजारों लोग अब भी सुरक्षित आश्रय और मदद का इंतजार कर रहे हैं।