छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत इकारा में गौशाला प्रबंधन को लेकर विवाद तेज हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पुरुषोत्तम अहिरवार और उनके बेटे भान प्रकाश अहिरवार गौशाला में पशुओं को नहीं रखते और रात में उन्हें बाहर निकाल देते हैं। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।

वीडियो में ग्रामीण आवारा मवेशियों को सड़क से गौशाला की ओर ले जाते नजर आए। इसी दौरान कुछ लोग डंडे लिए गाली-गलौज करते दिखे। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने फसलों की बचाव के लिए गायों को गौशाला में ले जाना चाहा, तो विरोध कर मारपीट की धमकी दी गई।
यह मामला तब सामने आया है जब कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने 6 अगस्त को आवारा पशुओं को गौशालाओं में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले जिला पंचायत सीईओ ने भी निरीक्षण कर गौशाला संचालन के निर्देश दिए थे, पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने गौशाला की बदहाल हालत भी दिखाई, जहां टीन शेड टूटा हुआ है। उन्होंने 80 गायों को अंदर रखा, पानी-भूसा उपलब्ध कराया और अपने पैसे से जंजीर से ताला भी लगाया। किसानों का कहना है कि आवारा जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसलिए वे मजबूरी में उन्हें गौशाला भेज रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या नहीं सुलझाई गई तो वे जनसुनवाई में पहुंचकर कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं, सरपंच का कहना है कि गौशाला जल्द संचालित की जाएगी।