छतरपुर जिले के ईसानगर थाना क्षेत्र के बोंडा गांव में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब 28 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। युवक अपने घर पर मोबाइल चार्ज करने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक बिजली के झटके से वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजनों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।

खेत से लौटकर चार्जर लगाते ही हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मृतक मंजुल उर्फ रज्जन तिवारी (28 वर्ष) गुरुवार दोपहर खेत का काम खत्म कर अपने घर लौटा था। घर आने के बाद उसने अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली बोर्ड में चार्जर लगाया। जैसे ही उसने फोन में चार्जर जोड़ा, अचानक तेज करंट का झटका लगा और वह जोर से चिल्लाते हुए जमीन पर गिर पड़ा। कुछ ही पलों में वह अचेत हो गया।
घरवालों ने जब मंजुल को बेहोश देखा तो तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और उसे आनन-फानन में ईसानगर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही मंजुल ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों में मचा कोहराम, गांव में छाया मातम
मंजुल की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे बोंडा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन बेसुध हो गए और घर का माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोग मृतक के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। बताया गया कि मंजुल अपने परिवार का बड़ा बेटा था और खेती-किसानी में पिता की मदद करता था।
पुलिस ने जांच शुरू की
घटना की जानकारी मिलते ही ईसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि करंट लगने की सटीक वजह क्या थी — चार्जर की खराबी, तारों में लीकेज या बिजली व्यवस्था में लापरवाही।
परिवार को गहरी क्षति
मृतक के भाई विनोद तिवारी ने बताया कि मंजुल खेत से लौटकर जैसे ही मोबाइल चार्ज करने लगा, तभी उसे करंट का झटका लगा। विनोद ने कहा कि “हम लोग समझ नहीं पाए कि ऐसा कैसे हुआ। चार्जर तो रोज इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आज अचानक ऐसा हादसा हो गया।”
डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि करंट लगने के कारण युवक के शरीर पर जलन के निशान मिले हैं। संभवतः चार्जर या बोर्ड में लीकेज था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
जिला अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग ने शव का पोस्टमॉर्टम किया है। डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। वहीं पुलिस का कहना है कि अगर चार्जर या वायरिंग की वजह से हादसा हुआ है, तो बिजली विभाग से तकनीकी जांच कराई जाएगी।
बिजली सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर खराब या सस्ते मोबाइल चार्जर से करंट लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इन खतरों को नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल चार्जर में लीकेज प्रोटेक्शन और ओवरलोड कंट्रोल जैसे फीचर न होने पर यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
बोंडा गांव में हुई यह दर्दनाक घटना एक बड़ी चेतावनी है कि बिजली उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है।