छतरपुर जिले के नौगांव स्थित बुंदेलखंड की सबसे बड़ी गोशाला में बीते एक सप्ताह के भीतर करीब तीन दर्जन गायों की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम के निर्देश पर बुधवार को प्रशासनिक और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त जांच टीम गोशाला पहुंची, जहां हालात बेहद चिंताजनक पाए गए।
जांच टीम को मौके पर चार गायों के शव मिले, जिनका पशु चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। जांच के दौरान कई गायें अत्यधिक कमजोर अवस्था में पाई गईं। एक मृत गाय के पेट से पॉलीथिन निकलने की भी पुष्टि हुई है, जिससे गोशाला प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप

स्थानीय ग्रामीणों ने गोशाला प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 200 बीघा में फैली गोशाला की करीब 90 प्रतिशत जमीन आसपास के किसानों को बटिया (लीज) पर दे दी गई है। किसानों ने अपनी-अपनी जमीन पर बाड़ लगा रखी है, जिससे गोशाला की गायों को खुलकर घूमने और चरने की जगह नहीं मिल रही। जगह और चारे की कमी के कारण गायें कमजोर हो रही हैं और भूख-प्यास से दम तोड़ रही हैं।
प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला
वहीं गोशाला प्रबंधन ने जांच टीम को बताया कि चारे और फंड की कमी के कारण गायों के लिए पर्याप्त भोजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन 2 से 3 गायों की मौत हो रही है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ गायों की मौत कुत्तों और सियारों के हमले के चलते हुई है।
प्रशासन की कार्रवाई

एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने बताया कि जांच के दौरान चार गायों की मौत की पुष्टि हुई है। सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और मृत गायों को नियमानुसार दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों की चेतावनी

मौके पर मौजूद पशु चिकित्सक दीपेश कुमार सोनी ने स्वीकार किया कि गोशाला में कई गायें बेहद कमजोर हालत में हैं। उन्होंने गोशाला अध्यक्ष को तत्काल गायों के लिए पोषक आहार, चारा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे और मौतों को रोका जा सके।
इस घटना ने गोशालाओं की व्यवस्थाओं और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और गोशाला की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।