छतरपुर में दो युवतियों द्वारा समलैंगिक विवाह किए जाने के बाद बुधवार को सिविल लाइन थाने में हंगामे की स्थिति बन गई। दोनों युवतियां पिछले पांच वर्षों से प्रेम-प्रसंग में थीं और 12 जनवरी को बागेश्वर धाम पहुंचकर आपसी रजामंदी से विवाह किया था। घटना की जानकारी मिलते ही दोनों के परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बुधवार को दोनों को बरामद कर थाने लाकर उनसे पूछताछ और सुरक्षा सुनिश्चित की।
थाने में तब तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई जब रानी (बदला नाम, 21 वर्ष) के परिजन थाने पहुंचे और विवाह का विरोध करते हुए बेटी को जबरदस्ती घर ले जाने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराया और दोनों युवतियों को थाने के अंदर सुरक्षित स्थान पर बैठाया।

काजल (बदला नाम, 23 वर्ष) ने बताया कि दोनों ने बागेश्वर धाम में अपनी सहमति से विवाह किया है और वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का अधिकार रखती हैं। इसलिए मामले के कानूनी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है। परिजनों को भी कानून व्यवस्था और बालिग होने के अधिकारों के बारे में समझाइश दी जा रही है।
छतरपुर जिले में यह समलैंगिक विवाह का तीसरा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले नौगांव थाना क्षेत्र में भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल पुलिस उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई कर रही है और दोनों युवतियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।