छतरपुर। सटई रोड स्थित गल्ला मंडी के पीछे रहने वाले एक वृद्ध दंपति ने सिविल लाइन थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 60 वर्षीय सरस्वती बिंदुआ और उनके 65 वर्षीय पति बालस्वरूप बिंदुआ ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन देकर शिकायत की है कि थाना कर्मचारी उन्हें और उनके परिवार को बेवजह परेशान कर रहे हैं तथा एनडीपीएस एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
आवेदन के मुताबिक, बालस्वरूप बिंदुआ 26 जनवरी 2026 को बीमारी के चलते जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे। 29 जनवरी को डिस्चार्ज होने के बाद वे घर पर आराम कर रहे थे। उसी दिन शाम करीब 4 बजे सिविल लाइन थाना के कर्मचारी चार पहिया वाहन से उनके घर पहुंचे। दंपति का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौच करते हुए उन पर दबाव बनाया।

मोबाइल नंबर देकर बात करने का दबाव
दंपति के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने कुछ मोबाइल नंबर दिए और कहा कि बालस्वरूप को इन नंबरों पर बात करनी होगी, क्योंकि उन्हें एनडीपीएस एक्ट के मामले में “जरूरत” है। जब उन्होंने बीमारी और अपनी निर्दोषता का हवाला दिया, तो कथित रूप से धमकी दी गई कि सहयोग न करने पर पति और बच्चों को एनडीपीएस केस में फंसा कर जेल भेज दिया जाएगा।

पहले एनडीपीएस केस में हो चुके बरी
बालस्वरूप बिंदुआ पूर्व में एक एनडीपीएस प्रकरण में आरोपी रहे थे, लेकिन न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था। वर्तमान में वे मजदूरी और एक छोटी किराने की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

घर में कैमरे लगाए जाने का आरोप
सरस्वती बिंदुआ ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि उनके मकान में पुलिस द्वारा कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे उनके परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इसके बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। दंपति ने आशंका जताई है कि यदि उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मियों की होगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
मामले में सीएसपी अरुण सोनी ने कहा कि दंपति द्वारा आवेदन दिया गया है। मामले की परिस्थितियों और तथ्यों की जांच की जाएगी, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और प्रशासनिक स्तर पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।