छतरपुर शहर में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को कोतवाली थाना क्षेत्र के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक आवारा सांड ने सड़क पर खड़े 60 वर्षीय बुजुर्ग लालजी पाटकर पर अचानक हमला कर दिया। सांड ने बुजुर्ग को सींगों से उठाकर हवा में उछाल दिया और फिर जोर से जमीन पर पटक दिया। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बुजुर्ग सड़क किनारे खड़े थे, तभी सांड अचानक उनकी ओर दौड़ा और हमला कर दिया। हमले के बाद बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़े। घटना देख आसपास मौजूद लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह सांड को भगाकर बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान पर चबूतरे पर बैठाया।
गंभीर चोटें, हड्डियां टूटीं
सांड के हमले में लालजी पाटकर को गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई है, हाथ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। सिर पर 5 से 7 टांके लगाए गए हैं। घायल बुजुर्ग को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर होने के कारण ऑपरेशन किया जा रहा है।
लोगों में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि छतरपुर शहर में आवारा सांड और गायों के हमले अब आम बात हो गई है। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं, लेकिन नगर पालिका और प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा मवेशियों को पकड़ने या गोशालाओं में भेजने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द शहर से आवारा मवेशियों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा मवेशियों पर नियंत्रण किया जाता, तो एक बुजुर्ग को इस तरह गंभीर रूप से घायल नहीं होना पड़ता।
फिलहाल घायल बुजुर्ग का इलाज जारी है, वहीं प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस घटना के बाद प्रशासन आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाएगा।