डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं के बीच पर्याप्त अंतराल (गैप) नहीं दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन का कारण
विद्यार्थियों का आरोप है कि एम.लिब आईएससी सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया गया है, जिसके अनुसार 9 जून से 14 जून तक लगातार 6 दिनों तक 6 पेपर आयोजित किए जाएंगे। छात्रों का कहना है कि बिना किसी अंतराल के लगातार परीक्षाएं देना मानसिक तनाव और अकादमिक दबाव को बढ़ाता है।
एक छात्रा नीलम ने बताया, *”यह हमारी मुख्य परीक्षा है, जिसका परिणाम हमारे भविष्य को प्रभावित करेगा। कुछ छात्र इतने उत्कृष्ट नहीं होते कि वे बिना तैयारी के लगातार पेपर दे सकें। इसलिए हम 1-2 दिन का गैप चाहते हैं ताकि बेहतर तैयारी की जा सके।”*

छात्रों का आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने जमा होकर नारेबाजी की। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। छात्रों ने प्रशासनिक गेट के सामने धरना दिया और कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती, वे शांत नहीं होंगे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को सुना और कुलपति से विचार-विमर्श कर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन स्थगित किया।

छात्रों की मुख्य मांगें
- लगातार परीक्षाओं के बीच कम से कम 1-2 दिन का अंतराल दिया जाए।
- छात्रों के मानसिक तनाव और शैक्षणिक दबाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन किया जाए।
- भविष्य में परीक्षा शेड्यूल बनाते समय छात्रों की सुविधा का ध्यान रखा जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और शीघ्र ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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