छिंदवाड़ा के जहरीले कफ सिरप मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी समेत चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद सभी आरोपियों को जेल में ही रहना होगा। मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब कफ सिरप के सेवन से 30 बच्चों की मौत हो गई थी।
हाईकोर्ट का आदेश
मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बच्चों की मौत को अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए जमानत देने से साफ इंकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी डॉक्टर ने सरकारी निर्देशों का पालन नहीं किया और चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रतिबंधित फिक्स डोज कम्पाउंड दवा दी, जिसके चलते बच्चों की मौत हुई।

वरिष्ठ चिकित्सक की सलाह को नजरअंदाज
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि डॉक्टर प्रवीण सोनी ने नागपुर के एक वरिष्ठ चिकित्सक की सलाह को नजरअंदाज करते हुए कफ सिरप दिया, जो सीधे तौर पर बच्चों की मौत का कारण बना।
गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया
छिंदवाड़ा पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को 5 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। निचली अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
इस मामले में अदालत का रुख साफ है कि बच्चों की जान से जुड़ा यह मामला अत्यंत गंभीर है और इसलिए आरोपी जेल में ही रहेंगे।