कलेक्टर संदीप जी.आर. बोले – जनजातीय समुदाय का सर्वांगीण विकास ही प्राथमिकता
सागर, 01 सितम्बर 2025।
सागर जिले में जनजातीय समुदाय के जीवनस्तर में सुधार और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान के जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि –
“जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए हमें मैदानी स्तर पर ठोस कार्य करना होगा। शासन की योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुँचे और उनका जीवनस्तर बेहतर बने, यही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।”

अभियान का मुख्य उद्देश्य
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक जनजातीय बाहुल्य ग्राम में 10 से 15 लोगों का समूह बनाया जाएगा, जो गांव की परंपराओं, संस्कृति और आवश्यकताओं को समझते हुए विकास का एक्शन प्लान तैयार करेगा। यह समूह शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि –
- विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें।
- ग्राम स्तर पर योजनाओं का संतुलित और पारदर्शी क्रियान्वयन हो।
- प्रत्येक शिकायत और आवश्यकता का समाधान गांव में ही मिले।
73 जनजातीय ग्राम होंगे शामिल
सागर जिले के 73 जनजातीय बाहुल्य ग्राम इस अभियान का हिस्सा होंगे। इनमें –
- केसली ब्लॉक – 31 ग्राम
- देवरी – 13 ग्राम
- रहली – 9 ग्राम
- शाहगढ़ – 6 ग्राम
- बंडा – 5 ग्राम
- राहतगढ़ – 3 ग्राम
- सागर एवं जेसीनगर – 2-2 ग्राम
- बीना एवं खुरई – 1-1 ग्राम
हर गांव में आदि सेवा केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जो शासन की योजनाओं को आसानी से उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।

तीन स्तरीय संरचना बनेगी
अभियान के सफल संचालन के लिए तीन स्तरों पर संरचना बनाई गई है –
- जिला स्तर पर – आदि कर्मयोगी
- विकासखण्ड स्तर पर – आदि सहयोगी
- ग्राम स्तर पर – आदि साथी
ग्राम स्तर के आदि साथी स्वयंसेवी होंगे, जिनमें सरकारी सेवाओं से जुड़े या सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा नेता, पारंपरिक ज्ञान धारक शामिल होंगे। ये स्वयंसेवी गांव की जरूरतों को समझकर शासन से जोड़ने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
प्रशिक्षण की रूपरेखा
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण श्री सुधीर श्रीवास्तव ने बताया –
- 8 से 10 सितम्बर तक ब्लॉक मास्टर्स ट्रेनर्स का प्रशिक्षण होगा।
- 12 से 15 सितम्बर तक ब्लॉक स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
- 17 से 25 सितम्बर के बीच ग्राम स्तर पर वॉलेटियर्स की वर्कशॉप होगी, जिसमें ग्राम एक्शन प्लान तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर भी अभियान
यह अभियान भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के तत्वाधान में देश के 30 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 550 से अधिक जिलों और 3 हजार ब्लॉकों के 1 लाख से ज्यादा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में चलाया जा रहा है।

परिवर्तनकारी पहल
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने कहा –
“आदि कर्मयोगी अभियान सुशासन को जनजातीय क्षेत्रों में मज़बूत बनाने की एक परिवर्तनकारी पहल है। यह केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं बल्कि जनजातीय समाज के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम है। हमारे जिले में इसका प्रभाव जल्द ही दिखेगा।”