मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 147 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 60 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष आवेदनों पर संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जनसुनवाई में राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों को लेकर 43 आवेदन दर्ज किए गए। इसके अलावा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, नगरीय प्रशासन, जनपद पंचायत और अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे।
पेंशन मामलों ने खड़े किए गंभीर सवाल
जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग और वृद्ध हितग्राहियों की पेंशन से जुड़े मामलों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कई हितग्राहियों ने पेंशन बंद होने या लंबे समय से न मिलने की शिकायतें दर्ज कराईं, जिससे जनसुनवाई में आक्रोश का माहौल भी देखने को मिला।

रहली तहसील के ग्राम चांदपुर निवासी प्राची अहिरवार, पिता राहुल अहिरवार, ने बताया कि उनके पास वैध दिव्यांग प्रमाण पत्र होने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है। पेंशन के लिए वे लगातार जनपद व अन्य कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसी तरह जनपद के ग्राम बिछिया निवासी चंदाबाई अहिरवार, पति भगोनी अहिरवार, ने शिकायत दर्ज कराई कि वैध दिव्यांग प्रमाण पत्र होने के बावजूद पिछले एक वर्ष से उनकी पेंशन बंद है। कई बार जनपद कार्यालय जाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। तीसरा मामला रहली नगर के वार्ड 14 निवासी रामप्रसाद अहिरवार का रहा, जिन्होंने बताया कि उनकी पेंशन छह–सात माह से बंद है। नगर पालिका के लगातार चक्कर काटने के बाद भी सुनवाई न होने पर उन्होंने जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखी।
कलेक्टर ने दिए तत्काल जांच के निर्देश
पेंशन से जुड़े मामलों को जिला कलेक्टर संदीप जी आर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि पात्र हितग्राहियों को पेंशन से वंचित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
रहली में खुलेगा फिजियोथैरेपी सेंटर
जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग हितग्राहियों की समस्याओं को देखते हुए कलेक्टर संदीप जी आर ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने प्राची अहिरवार से संवाद करते हुए रहली में फिजियोथैरेपी सेंटर शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इस केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के दिव्यांगजनों को उपचार और नियमित कसरत के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें समय और खर्च दोनों में राहत मिलेगी।
जनसुनवाई में लिए गए इन निर्णयों से न केवल लंबित मामलों के समाधान की उम्मीद जगी है, बल्कि दिव्यांग और वृद्ध हितग्राहियों के लिए संवेदनशील व त्वरित प्रशासन का संदेश भी गया है।