जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में पुलिस ने ऐसा मामला पकड़ा है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक मौसी ने अपने 15 वर्षीय भांजे की स्कूल फीस भरने के लिए एटीएम लूटने की कोशिश की। लेकिन तकनीक और सुरक्षा के सामने उसका प्रयास विफल रहा। जब एटीएम मशीन नहीं टूटी तो वह वहां लगे सीसीटीवी कैमरे ही साथ ले गई। पुलिस ने डीवीआर की जांच कर महिला और नाबालिग भांजे दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

यूट्यूब से सीखा एटीएम तोड़ना
पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय भारती मेहरा ने यूट्यूब पर एटीएम तोड़ने के वीडियो देखकर यह अपराध करने की योजना बनाई। संजीवनी नगर इलाके में स्थित एक एटीएम को निशाना बनाया गया। 28 अगस्त की रात वह अपने भांजे के साथ एटीएम बूथ में दाखिल हुई और करीब आधे घंटे तक मशीन को तोड़ने की कोशिश करती रही। लेकिन सुरक्षा प्रणाली और मशीन की मजबूती के कारण वह नाकाम रही।
भांजे की स्कूल फीस बनी वजह
जांच में सामने आया कि महिला का भांजा अपने नाना-नानी के पास रहता है। पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है और मां अलग रहती है। घर की जिम्मेदारी मजदूरी करने वाले नाना पर है। आर्थिक तंगी के कारण दो महीने से स्कूल फीस जमा नहीं हो पाई थी। बच्चे को डर था कि फीस नहीं भरी गई तो उसका नाम स्कूल से काट दिया जाएगा। इसी चिंता से बच्चा उदास था।
मौसी भारती ने भांजे की परेशानी देखी तो उसने किसी भी हाल में फीस जुटाने का ठान लिया। लेकिन जब कहीं से मदद नहीं मिली तो उसने गलत रास्ता चुन लिया और एटीएम तोड़ने का प्लान बना डाला।

CCTV कैमरे लेकर भागी
एटीएम तोड़ने में असफल रहने के बाद भारती और उसका भांजा बूथ से निकलने ही वाले थे कि उसे ख्याल आया कि कैमरों में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गई होंगी। पकड़े जाने के डर से उन्होंने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को उखाड़ लिया और साथ ले गए।
लेकिन तकनीकी जांच में पुलिस ने रिकॉर्डिंग को ट्रेस कर लिया। फुटेज से दोनों की पहचान हुई और पुलिस ने कुछ ही घंटों में दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के सामने कबूली गलती
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में भारती ने कहा—
“मैं मानती हूं कि मैंने गलत किया, लेकिन भांजे का नाम स्कूल से कटने वाला था। फीस जमा करना सबसे बड़ी मजबूरी थी। बहुत कोशिश की, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं हो पाया। इसलिए यह कदम उठाया।”
पुलिस ने महिला और नाबालिग दोनों को हिरासत में लिया है। महिला को न्यायालय में पेश किया जाएगा, वहीं नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
सामाजिक और आर्थिक मजबूरी की झलक
यह मामला न केवल अपराध की कहानी है बल्कि समाज की उन परिस्थितियों को भी उजागर करता है, जहां गरीबी और लाचारी इंसान को गलत रास्ते पर धकेल देती है। महिला का इरादा अपराधी बनने का नहीं था, बल्कि अपने भांजे की शिक्षा बचाने का था। लेकिन आर्थिक तंगी ने उसे कानून तोड़ने पर मजबूर कर दिया।