जबलपुर। शहर के तिलवारा क्षेत्र में रविवार रात एक गणेश पंडाल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक वहां कोबरा सांप निकल आया। यह घटना चौकीताल के पास स्थित रेवा कॉलोनी में बने पंडाल की है। प्रतिमा के पीछे छिपे सांप को देखकर भक्तों में हड़कंप मच गया। तत्काल पंडाल समिति ने पुरोहित जितेंद्र चौबे की मदद से सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को बुलाया। दुबे ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़कर बरगी के जंगल में छोड़ दिया।

तीन दिन से नजर आ रहा था सांप
पंडाल समिति के सदस्यों ने बताया कि इस कोबरा को पिछले तीन दिनों से कॉलोनी में घूमते हुए देखा जा रहा था। शुरुआत में लोगों ने सोचा कि सांप खुद ही चला जाएगा, लेकिन रविवार रात वह सीधे पंडाल में घुस गया और प्रतिमा के पीछे छिप गया। जब लोगों की नजर उस पर पड़ी, तो वहां मौजूद सभी लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे।
4 फीट लंबा जहरीला कोबरा
सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि पकड़ा गया सांप कोबरा प्रजाति का था, जिसे आमतौर पर नाग के नाम से जाना जाता है। इसकी लंबाई करीब 4 फीट थी और यह बेहद जहरीला होता है। दुबे ने समझाया कि कोबरा के जहर में न्यूरोटॉक्सिन होता है, जो इंसान के नर्वस सिस्टम को पूरी तरह जाम कर देता है। यदि पीड़ित को समय रहते यानी तीन घंटे के भीतर इलाज न मिले, तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में मची अफरा-तफरी
रेवा कॉलोनी में बने पंडाल के भीतर जब दुबे पहुंचे, तो कोबरा प्रतिमा के ठीक पीछे मौजूद था। सावधानी बरतते हुए उन्होंने रॉड और बोरे की मदद से उसे सुरक्षित पकड़ा। मौके पर मौजूद लोग सांस थामकर पूरा नजारा देखते रहे। जैसे ही सांप को बोरे में डाला गया, पंडाल में मौजूद भक्तों ने राहत की सांस ली और जयकारे लगाए।
“छेड़छाड़ न करें, तो कोबरा हमला नहीं करता”
गजेंद्र दुबे ने बताया कि सांप तब तक नुकसान नहीं पहुंचाता जब तक उससे छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कहीं भी सांप दिखाई दे तो तुरंत विशेषज्ञ को सूचना दें, न कि खुद उसे मारने या पकड़ने की कोशिश करें। दुबे ने यह भी बताया कि गणेश उत्सव जैसे बड़े आयोजनों में पंडालों के आसपास साफ-सफाई और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

शहर में सैकड़ों जगह विराजमान हैं गणपति
बता दें कि जबलपुर शहर में इस समय सैकड़ों पंडालों में गणेश प्रतिमाएं विराजमान हैं। ऐसे में यह घटना सिर्फ रेवा कॉलोनी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के आयोजकों के लिए चेतावनी है कि वे सुरक्षा और सतर्कता को लेकर लापरवाही न बरतें।
निष्कर्ष
गणेश उत्सव की खुशियों के बीच जबलपुर का यह वाकया भक्तों के लिए डराने वाला साबित हुआ। हालांकि, समय पर सर्प विशेषज्ञ को बुलाने से बड़ा हादसा टल गया। यह घटना साफ करती है कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सुरक्षा और प्राकृतिक संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है।