जबलपुर में डेढ़ साल की बच्ची के सिर के पास बैठा जहरीला सांप, नानी की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी;

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जबलपुर। तिलवारा क्षेत्र की क्रेशर बस्ती में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब घर में सो रही डेढ़ साल की बच्ची के सिर के पास काले-सफेद धारियों वाला जहरीला सांप बैठा मिला। बच्ची की नानी शांति बाई ठाकुर पूजा कर रही थीं, तभी उन्होंने नातिन के रोने की आवाज सुनी। जब वे कमरे में पहुंचीं तो यह खौफनाक मंजर देखा।

शांति बाई ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत बच्ची को गोद में उठाया और बाहर ले आईं। कुछ ही देर में सांप दीवार की दरार में घुस गया। परिवार ने तत्काल सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को बुलाया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ा और बरगी जंगल में छोड़ दिया।

सबसे जहरीले सांपों में से एक निकला

सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि यह इंडियन कॉमन करैत था, जो भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है। इसका जहर कोबरा से भी ज्यादा खतरनाक होता है और अगर समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा बढ़ जाता है। यह सांप अक्सर रात के समय सोते हुए लोगों को निशाना बनाता है।

शांति बाई ने बताया कि बच्ची पहले भी रो रही थी, तब उन्होंने उसे दूध की बोतल दी और बाहर चली गई थीं। लेकिन दोबारा रोने की आवाज आई तो वे कमरे में पहुंचीं और बच्ची को बचा लिया। समय रहते हिम्मत न दिखाई होती, तो अनहोनी हो सकती थी।

शहर में अजगर दिखने से भी दहशत

इसी बीच, बुधवार देर रात जबलपुर के शक्ति नगर इलाके में करीब 8 फीट लंबा और 40 किलो वजनी अजगर दिखाई दिया। कॉलोनीवासियों ने इसकी सूचना वन्यजीव विशेषज्ञ अवि बरसे को दी। उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर अजगर को पकड़ा, पानी पिलाया और सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंप दिया।

बरसात में क्यों बढ़ जाती हैं सांप की घटनाएं?

बरसात के मौसम में बिलों में पानी भर जाने और तापमान बदलने के कारण सांप अपने बिल छोड़कर सुरक्षित जगह की तलाश में अक्सर घरों में घुस आते हैं। यही कारण है कि मानसून के समय सर्पदंश की घटनाएं ज्यादा होती हैं

सांपों को घर में आने से बचाने के उपाय

  • घर के आसपास झाड़ियां व गड्ढे न बनने दें।
  • कचरा और लकड़ी का ढेर इकट्ठा न करें।
  • दीवारों व फर्श की दरारें समय-समय पर भरवाएं।
  • रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • बच्चों को फर्श पर अकेले न सुलाएं।

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