जबलपुर: शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मंगलवार को ‘दीन बंधु’ संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर निगम, पुलिस प्रशासन और विजन वरिष्ठ नागरिक संगठन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर में भिक्षावृत्ति को समाप्त करने के लिए एकजुट होकर संकल्प लिया।
इस अवसर पर विजन वरिष्ठ नागरिक संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि संस्था ने ‘दीन बंधु 2026 अभियान’ की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त सभी लोगों के लिए उचित रहन-सहन और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, यदि कोई बच्चा भिक्षावृत्ति में शामिल है, तो उसकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाया जाएगा और उसे पढ़ाई से जोड़ा जाएगा।
राजेंद्र सिंह ने बताया, “हमारा मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है और भिक्षावृत्ति के व्यवसाय में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। वर्ष 2026 तक जबलपुर को पूरी तरह से भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।”

उन्होंने यह भी कहा कि जबलपुर संस्कारों की राजधानी है और यहां किसी को भी भिक्षा मांगने पर मजबूर नहीं होना चाहिए। सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “भिक्षावृत्ति मानवता को शर्मसार करती है। इसलिए समाज को इसके उन्मूलन के लिए एकजुट होना होगा। मदद करने के लिए अन्न दान करें, पैसे का नहीं।”
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने इस पहल को समाजहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और अभियान में शासन-प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, कई वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवी भी उपस्थित थे और उन्होंने भिक्षावृत्ति मुक्त जबलपुर बनाने का संकल्प लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सामाजिक अभियान न केवल जरूरतमंदों की मदद करते हैं बल्कि शहर में सामाजिक अनुशासन और शिक्षा के महत्व को भी बढ़ावा देते हैं। ‘दीन बंधु 2026 अभियान’ के माध्यम से जबलपुर को एक भिक्षावृत्ति मुक्त और संस्कारित शहर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।