जबलपुर में प्रसाद के रूप में खाई गई मिठाई से एक ही परिवार के 18 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। प्रभावित लोगों को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जबलपुर और भोपाल के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से एक मरीज की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे नागपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक भेड़ाघाट चौराहे में रहने वाले पटेल परिवार ने बुधवार को बीकानेर स्वीट्स से चार किलो मिठाई खरीदी थी। शुक्रवार को परिवार के सदस्य त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। पूजा के बाद उन्होंने प्रसाद के रूप में वही मिठाई खाई। इसके कुछ घंटों बाद ही परिवार के कई सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे, जिससे परिजन घबरा गए और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

शुक्रवार रात अचानक कई सदस्यों की तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार ने उन्हें जिला अस्पताल जबलपुर सहित निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। वहीं, कुछ लोगों को नरसिंहपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोटेगांव में इलाज के लिए भर्ती किया गया। खासतौर पर एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे तुरंत नागपुर रेफर किया गया। वहां उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टर लगातार निगरानी में हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मिठाई खाने के कारण फूड पॉइजनिंग हुई है। हालांकि, सही कारण का पता पोस्टमार्टम और लैब जांच के बाद ही चलेगा। विभाग ने प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी तेज कर दी है और आवश्यक दवाइयों व उपचार की व्यवस्था की है।

भेड़ाघाट निवासी रोहित पटेल ने बताया कि जैसे ही परिवार के सदस्यों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। उन्होंने कहा कि अभी तक कई लोगों की हालत में सुधार नहीं हुआ है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध या अधजली हुई मिठाई का सेवन न करें।
स्थानीय प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए बाजार और मिठाई विक्रेताओं की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटना न हो। बीकानेर स्वीट्स से खरीदी गई मिठाई की गुणवत्ता और उसके रखरखाव की जांच की जा रही है।
इस मामले में सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने परिजनों और स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि यदि कोई और व्यक्ति इसी तरह की खाद्य सामग्री खाने के बाद बीमार महसूस करे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
घटना ने शहर में चेतावनी के रूप में कार्य किया है कि प्रसाद या मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता और ताजगी पर ध्यान देना कितना महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री का सेवन न करें और बच्चों, बुजुर्गों तथा कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों की विशेष देखभाल करें।
इस घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और प्रभावित परिवार के इलाज तथा निगरानी में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।