जबलपुर में मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला अस्पताल के बाहर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें प्रतीकात्मक रूप से नकली नोट और नकली सोने के सिक्के भेंट किए।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सपा का प्रदर्शन
सपा नेता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि जिले का स्वास्थ्य तंत्र भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब जनता बुनियादी इलाज के लिए भटक रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जिले में फर्जी अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं और कई सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते। उन्होंने बरेला में एक प्रसूता की मौत और डिंडोरी में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का हवाला देते हुए विभागीय लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।

मरीजों ने भी उठाए मुद्दे
प्रदर्शन में कुछ पीड़ित मरीज भी मौजूद रहे, जिन्होंने निजी अस्पतालों पर लापरवाही के आरोप लगाए। इनमें से शकुन भाई ने बताया कि सड़क हादसे के बाद उन्हें एक स्मार्ट सिटी अस्पताल ले जाया गया था, जहां कथित तौर पर तीन दिन तक उनका इलाज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की लापरवाही के चलते उनका पैर काटना पड़ा और अब वे अपाहिज जीवन जीने को मजबूर हैं।
मांगें और आशंकाएं
प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सपा के इस प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं और जिले में स्वास्थ्य सेवा के पारदर्शी और प्रभावी संचालन की आवश्यकता को उजागर किया है।