जयसिंहनगर का नाम बदलने की घोषणा पर दांगी क्षत्रिय समाज में गहरा आक्रोश है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को क्षत्रिय महासभा जिला सागर के बैनर तले जिलेभर से आए समाजजन ने विशाल रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि 25 सितंबर को जैसीनगर की सभा में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कराई गई जयसिंहनगर का नाम बदलने की घोषणा निरस्त की जाए।

रैली में गूंजे नारे – “क्षत्रिय एकता जिंदाबाद, महाराणा प्रताप अमर रहें”
खेल परिसर से शुरू हुई रैली में दोपहर से ही जिले की विभिन्न तहसीलों से क्षत्रिय समाज के सदस्य जुटने लगे थे। रैली जब कलेक्ट्रेट पहुंची तो समाजजनों ने जमकर नारेबाजी की – “क्षत्रिय एकता जिंदाबाद, महाराणा प्रताप अमर रहें”। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट अमन मिश्रा ज्ञापन लेने पहुंचे, जहां क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष ने दोनों ज्ञापन पढ़कर सुनाए।

नाम बदलने को बताया षड्यंत्र
ज्ञापन में कहा गया कि जयसिंहनगर की स्थापना 1679 में गढ़पहरा के दांगी राजपूत शासक जय सिंह देव ने की थी और नगर का नाम उनके नाम पर ही रखा गया। इसे बदलना क्षत्रिय समाज के इतिहास और अस्तित्व पर प्रहार है। आरोप लगाया गया कि सागर जिले का एक प्रभावी परिवार दांगी क्षत्रिय समाज की ऐतिहासिक पहचान मिटाने का षड्यंत्र कर रहा है और इसके लिए शासन एवं प्रशासन को गुमराह कर रहा है।
अन्य नामों पर सवाल
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कई गांव और कस्बे हैं जिनके नाम मुगलकालीन गुलामी के प्रतीक हैं। उन नामों को बदलने के बजाय भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े जयसिंहनगर का नाम बदलना मानसिकता का प्रतीक है। उदाहरण के तौर पर सागर-राहतगढ़ मार्ग पर स्थित जौहरिया शेख टोल नाका का नाम बदलने की आवश्यकता बताई गई।

5 अक्तूबर से चेताया आंदोलन
ज्ञापन में अल्टीमेटम दिया गया कि यदि 5 अक्तूबर तक नाम बदलने की घोषणा शासन स्तर से निरस्त नहीं की गई तो जिले के सभी ब्लॉकों में विरोधस्वरूप ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद भी मांग नहीं मानी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन और भोपाल में प्रदर्शन किया जाएगा। बताया गया कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी क्षत्रिय समाज ने इसी मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया है।
महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना की भी मांग
क्षत्रिय महासभा ने कलेक्टर को दिए दूसरे ज्ञापन में सागर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। ज्ञापन में बताया गया कि दो वर्ष पूर्व पूर्व गृह मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह ने इसके लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, राशि नगर निगम कोष में भी है, टेंडर और स्थल चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन प्रतिमा अभी तक स्थापित नहीं हो सकी।
हाल ही में नगर निगम परिषद की साधारण सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ कि सिटी स्टेडियम का नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप स्टेडियम किया जाए और प्रतिमा यहीं स्थापित की जाए। क्षत्रिय महासभा ने मांग की कि यह कार्य डेढ़ माह के भीतर पूरा किया जाए।
बड़ी संख्या में शामिल रहे क्षत्रिय समाजजन
ज्ञापन और रैली में क्षत्रिय समाज के वरिष्ठ नेताओं और सदस्यों ने भाग लिया। इनमें पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, कुंवर सिंह किर्रावदा (बीना), राजेंद्र सिंह बुंदेला (दरी), एड. वीनू शमशेर जंग बहादुर राणा, शेरसिंह सिमरघान (खुरई), एड. जितेंद्र सिंह ठाकुर (गंभीरिया), डॉ. पीएस ठाकुर, जगदीश सिंह सोलंकी, राम सिंह क्षीर, मंगल सिंह दादा, इंद्राज सिंह (कर्रापुर), शिवराज सिंह (सरगौली), राजकुमार सिंह (धनौरा), इंदरसिंह धनौरा (बीना), मूरत सिंह (पिपरिया खुरई), दिलीप सिंह राजपूत (गढ़ौला जागीर), जयंत सिंह बुंदेला, विजय सिंह (नयाखेड़ा), बुंदेल सिंह (जनपद अध्यक्ष मालथौन), मंगल सिंह (सागौनी), लखन सिंह (कुसमगढ़), नरेश सिंह (धनौरा), चित्तर सिंह (बसाहरी), लोकेंद्र सिंह (देहरी), सुरेंद्र सिंह (राहतगढ़), अशोक भैया (बामोरा), धर्मेंद्र सिंह (निर्तला), रामकुमार बघेल, भूपेंद्र सिंह (सिगदौनी), डॉ. कैलाश सिंह (देवरी), नत्थू सिंह (सिमरिया), प्रीतम सिंह (देवरी), विक्रम सिंह (सागौनी पुरैना), गोल्डी सिंह (उदयपुरा), राहुल सिंह (चौरहा), अभिषेक गौर, शिवराज सिंह, रविन्द्र सिंह (जैसिनगर) सहित सैकड़ों गणमान्य शामिल रहे।
महिला शक्ति की भी सक्रिय भागीदारी
क्षत्रिय महासभा की महिला विंग ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी की। महिला विंग अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह राजपूत, श्रीमती रानी राजा बुंदेला, श्रीमती प्रमिला सिंह राजपूत, श्रीमती रितुल ठाकुर, श्रीमती हर्षवर्धन ठाकुर, श्रीमती रितु राहुल राजपूत, पारुल चौहान, ज्योति चौहान, अर्चना सिंह, राजबाला ठाकुर, बिंदेश ठाकुर, बेबी ठाकुर, लवली सिंह, सुमन सिंह, सीमा ठाकुर, ऐश्वर्या सिंह सहित अनेक क्षत्रिय महिलाएँ रैली और ज्ञापन कार्यक्रम में मौजूद रहीं।