जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर, मरीजों को फोन कर जांची व्यवस्थाएं !

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छतरपुर।
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और प्रशासनिक तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। कलेक्टर का यह निरीक्षण प्रस्तावित एनक्वास (NQAS) असेसमेंट को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति, इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाएं, नवनिर्मित पीडियाट्रिक यूनिट, मेडिकल रिपोर्ट विभाग, आई.पी.एच.एल. लैब, ब्लड बैंक तथा नवीन क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का अवलोकन किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उपचार, दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली।

साफ-सफाई और रक्त उपलब्धता पर विशेष ध्यान
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर, वार्डों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता, संग्रहण और आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी ली, ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी भी मरीज को परेशानी न हो।

एनक्वास असेसमेंट की तैयारियों को लेकर निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिविल सर्जन को 12, 13 और 14 फरवरी 2026 को प्रस्तावित एनक्वास असेसमेंट की तैयारियों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और सुधार तय समय-सीमा में सुनिश्चित किए जाएं, ताकि असेसमेंट के दौरान किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने न आए।

रिपोर्ट समय पर मिलने के दावे की खुद की पुष्टि
आई.पी.एच.एल. लैब के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि मरीजों को दो घंटे के भीतर ब्लड सैंपल की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाती है। इस दावे की पुष्टि के लिए कलेक्टर ने स्वयं एक मरीज के परिजन को फोन कर जानकारी ली। परिजन ने बताया कि रात 8:50 बजे ब्लड सैंपल लिया गया था और लगभग डेढ़ घंटे के भीतर रिपोर्ट मिल गई थी। इस पर कलेक्टर ने समयबद्ध रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए ब्लड बैंक और लैब कलेक्शन टीम की सराहना की।

क्रिटिकल केयर यूनिट और सुविधाओं के विस्तार पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नवीन भवन में स्थित क्रिटिकल केयर यूनिट के शेष अधोसंरचनात्मक कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश बीडीसी को दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य एक से डेढ़ माह के भीतर पूर्ण कर भवन का हैंडओवर सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने बताया कि नए भवन में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां लेबर रूम और मैटरनिटी विंग को आवश्यकता अनुसार शिफ्ट किया जाएगा, जिससे महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

लापरवाही पर सख्त चेतावनी
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय में सुविधाओं का विस्तार और समयबद्ध सेवाएं आम मरीजों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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