जेपी अस्पताल से हटाए गए 21 कर्मचारियों की बहाली की मांग तेज

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कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने सिविल सर्जन को सौंपा ज्ञापन, कर्मचारियों की सेवाओं को अनिवार्य बताया

भोपाल। राजधानी के जेपी अस्पताल में रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के तहत कार्यरत 21 कर्मचारियों को हटाए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मंगलवार को अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर इन कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग की।

पीसी शर्मा ने ज्ञापन के माध्यम से जिला कलेक्टर को भी इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवाएं अस्पताल की जरूरत के लिए बेहद अहम हैं, और इनके हटने से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं।


रोगी कल्याण समिति की पृष्ठभूमि

साल 1995 में प्रदेश के प्रत्येक जिला अस्पताल में रोगी कल्याण समिति का गठन किया गया था। समिति का उद्देश्य मामूली शुल्क लेकर अस्पताल की छोटी-छोटी जरूरतों, उपकरणों और आवश्यक सेवाओं की पूर्ति करना था।

  • समिति की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते थे।
  • इसमें जिले के जनप्रतिनिधि सदस्य होते थे।
  • हर माह बैठकें आयोजित होती थीं, जिनमें अस्पताल की समस्याओं और रोगियों की आवश्यकताओं पर निर्णय लिया जाता था।

कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई सालों से बैठकों का आयोजन नियमित रूप से नहीं हो रहा था, जिससे समस्याओं का समाधान प्रभावित हुआ। धीरे-धीरे अस्पताल का कामकाज निजी एजेंसियों को सौंपा जाने लगा।


किन कर्मचारियों को हटाया गया?

जेपी अस्पताल में समिति के तहत 21 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें शामिल हैं –

  • कम्प्यूटर ऑपरेटर
  • टिकट राइटर
  • फार्मासिस्ट
  • लैब टेक्नीशियन
  • डेंटल असिस्टेंट

इन सभी को अचानक सेवा से हटा दिया गया, जिससे अस्पताल की कई सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


कांग्रेस ने उठाई आपत्ति

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इसे असंवैधानिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी वैध कारण के समिति को भंग कर कर्मचारियों को हटाना गलत है। शर्मा ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों को तत्काल उनके कार्य पर वापस लिया जाए


सेवाओं पर पड़ सकता है असर

कांग्रेस का कहना है कि इन कर्मचारियों की बहाली न होने पर अस्पताल की रोजमर्रा की कई सेवाएं बाधित हो सकती हैं। मरीजों को टिकट कटाने, दवाएं लेने और जांच कराने में दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।

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