जैसीनगर का नाम यथावत रहेगा, जनता का फैसला सर्वोपरि है” — गोविंद सिंह राजपूत !
सागर, 04 अक्टूबर 2025। पिछले कुछ दिनों से सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर का नाम बदलकर जय शिव नगर किए जाने की चर्चा जोरों पर थी। इस विषय को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर भी उठने लगे थे। इसी बीच प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा क्षेत्रीय विधायक श्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि —
“जैसीनगर का नाम नहीं बदला जाएगा। कुछ लोग इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाकर जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। जनता समझदार है, वह सब जानती है कि कौन क्या कर रहा है।”
⚖️ जनता का फैसला सर्वोपरि
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जैसीनगर का भविष्य जनता तय करेगी। उन्होंने कहा —
“जनता का फैसला सर्वमान्य है। जो लोग इस विषय पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जनता ही जवाब देगी।”
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें।
“हमेशा की तरह मैं आपके साथ हूं, और मेरा संकल्प है कि जैसीनगर के विकास में कोई कमी नहीं आने दूंगा।”
🛕 जैसीनगर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत
श्री राजपूत ने जैसीनगर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नगर क्षत्रिय समाज की वैभवशाली परंपरा और हिंदू धार्मिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित प्राचीन महादेव मंदिर, भगवान शिव की पूजा का एक प्रमुख केंद्र है। कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना राजा जयदेव सिंह ने की थी, जो क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और क्षत्रिय शौर्य की परंपरा का प्रतीक है।
राजपूत ने बताया कि जैसीनगर का नाम परिवर्तन का विचार “राजा जय सिंह” और “भगवान शिव” के नामों को जोड़कर जय शिव नगर बनाने के सुझाव के रूप में आया था। यह निर्णय किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का नहीं था, बल्कि समाज के कुछ वर्गों की एक राय थी।
“लेकिन अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जैसीनगर का नाम यथावत रहेगा। कोई परिवर्तन नहीं होगा,” — मंत्री राजपूत ने कहा।
🗂️ नहीं भेजा गया कोई प्रस्ताव
मंत्री ने नाम परिवर्तन को लेकर चल रही अफवाहों पर पूर्ण विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि —
“मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब जैसीनगर आए थे, तब मंच से जय शिव नगर का सुझाव रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि प्रस्ताव आएगा तो उस पर विचार किया जाएगा। लेकिन अब तक न तो कोई प्रस्ताव भेजा गया है और न ही शासन स्तर पर कोई निर्णय लिया गया है।”
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन या एसडीएम स्तर पर भी कोई प्रस्ताव न तो तैयार किया गया है और न भेजा गया है। अतः नाम परिवर्तन की चर्चा पूरी तरह निराधार है।