टीकमगढ़, 8 सितंबर 2025: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के मऊबुजुर्ग गांव में प्रधानमंत्री हर घर नल योजना के तहत पानी की टंकी और पाइपलाइन का निर्माण कार्य एक साल पहले पूरा हो चुका है, लेकिन ग्रामीण अब भी पानी की सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता और बिजली विभाग की लापरवाही के कारण योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। बारिश और गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण ग्रामीणों को दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। जल संसाधन विभाग ने बोरिंग धसकने और बिजली कनेक्शन में देरी को इसकी वजह बताया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही सरकारी योजनाओं को विफल कर रही है।

एक साल से तैयार टंकी, सप्लाई शुरू न होने से आक्रोश
मऊबुजुर्ग गांव के ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री हर घर नल योजना के तहत गांव में पानी की टंकी का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य करीब एक साल पहले पूरा हो चुका है। टंकी की टेस्टिंग भी हो चुकी है, और केवल हैंडओवर की औपचारिकता बाकी है। इसके बावजूद, पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीण रामदास अहिरवार ने कहा, “हमने सोचा था कि टंकी बनने के बाद पानी की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी हमें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।” खासकर गर्मी और बारिश के मौसम में पानी की किल्लत ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।
ठेकेदार का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा बिजली कनेक्शन न दिए जाने के कारण पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। टंकी को पानी से भरने के लिए बोरवेल को चालू करने हेतु बिजली कनेक्शन और ट्रांसफार्मर की जरूरत है, जो अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

जल संसाधन विभाग का दावा: बोरिंग धसकने से रुका काम
जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री अनिल लकरघा ने इस मामले पर सफाई देते हुए बताया कि बारिश के कारण बोरिंग धसक गई है, जिससे पानी का स्रोत प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, “बारिश का मौसम खत्म होने के बाद बोर की सफाई कराई जाएगी। साथ ही, ट्रांसफार्मर लगाने में आ रही तकनीकी समस्याओं का समाधान भी जल्द किया जाएगा।” लकरघा ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं के हल होने के बाद पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि विभाग बार-बार केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों की परेशानी: पानी के लिए भटकना पड़ रहा
मऊबुजुर्ग गांव में पानी की कमी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। हर घर नल योजना के तहत टंकी और पाइपलाइन का निर्माण होने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध होगा। लेकिन, सप्लाई शुरू न होने से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। गांव की महिलाएं और बच्चे खासकर इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उन्हें दूर-दूर तक पानी लाने के लिए जाना पड़ता है। ग्रामीण शांति बाई ने बताया, “गर्मी में तो हालत और खराब हो जाती है। टंकी बनने के बाद भी हमें हैंडपंप और कुओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।”

प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने के कारण गांव का विकास रुका हुआ है। गांव के सरपंच रामकिशन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री हर घर नल योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने में प्रशासन की लापरवाही ग्रामीणों को वंचित कर रही है। बिजली कनेक्शन और बोरिंग की सफाई जैसे छोटे-छोटे काम समय पर क्यों नहीं हो रहे?” ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पानी की सप्लाई शुरू की जाए।
योजना का मकसद और वास्तविकता
प्रधानमंत्री हर घर नल योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इस योजना के तहत मऊबुजुर्ग में टंकी और पाइपलाइन का काम तो पूरा हो गया है, लेकिन बिजली कनेक्शन और बोरिंग की समस्या के कारण यह योजना अभी तक अधूरी है। मध्यप्रदेश में कई अन्य गांवों में भी इस तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं, जहां बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक खामियों के कारण योजनाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं।
निष्कर्ष
मऊबुजुर्ग गांव में हर घर नल योजना के तहत तैयार टंकी और पाइपलाइन के बावजूद पानी की सप्लाई शुरू न होना प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। बिजली कनेक्शन में देरी और बोरिंग धसकने जैसी समस्याओं का समय पर समाधान न होने से ग्रामीण पानी की मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यह घटना जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं को लागू करने में तेजी और जवाबदेही लानी होगी। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन और बोरिंग की सफाई का काम पूरा कर पानी की सप्लाई शुरू की जाए, ताकि उनकी दैनिक जरूरतें पूरी हो सकें।