टीकमगढ़।
जिले में बीते 24 घंटों के दौरान बारिश ने फिर जोर पकड़ा है। इस अवधि में औसतन 1.01 इंच वर्षा दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश पलेरा और खरगापुर तहसील में हुई, जहां 2 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, जतारा तहसील में करीब डेढ़ इंच, और टीकमगढ़, मोहनगढ़ व लिधौरा तहसील में लगभग एक-एक इंच बारिश दर्ज हुई।
औसत से ज्यादा वर्षा, पिछले साल से दोगुनी
जिले में 1 जून से 20 अगस्त तक कुल 47 इंच औसत बारिश हो चुकी है। यह सामान्य औसत 40 इंच से 7 इंच अधिक है। पिछले वर्ष इसी अवधि में महज 28.1 इंच वर्षा हुई थी। इस बार मानसून जिले पर खासा मेहरबान है।

तहसीलवार बारिश का आंकड़ा
भू-अभिलेख कार्यालय द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न तहसीलों में अब तक हुई बारिश इस प्रकार है :
- टीकमगढ़ – 58.44 इंच
- बड़ागांव – 32 इंच
- बल्देवगढ़ – 44 इंच
- खरगापुर – 46.5 इंच
- जतारा – 41 इंच
- मोहनगढ़ – 53.5 इंच
- लिधौरा – 40 इंच
- पलेरा – 65.8 इंच (सर्वाधिक)

बान सुजारा बांध की स्थिति
लगातार हो रही बारिश का असर बान सुजारा बांध के जल स्तर पर भी दिख रहा है।
- वर्तमान जल स्तर – 314.40 मीटर
- पूर्ण भराव स्तर – 316.50 मीटर
- भराव प्रतिशत – 67.09%
- वर्तमान भंडारण क्षमता – 185.190 मिलियन घन मीटर
- नदी से पानी का आवक – 30 घन मीटर प्रति सेकंड
- बांध से छोड़ा जा रहा पानी – 64 घन मीटर प्रति सेकंड (एक गेट 0.50 मीटर खोला गया)
विशेषज्ञों के अनुसार यदि इसी तरह बारिश जारी रही, तो बांध शीघ्र ही अपने पूर्ण भराव स्तर को छू सकता है।
खेती और ग्रामीणों को मिला सहारा
बारिश और बांध में जलस्तर बढ़ने से जिले में खेती-किसानी को जबरदस्त फायदा होगा। सोयाबीन, धान और मक्का जैसी फसलें अच्छी तरह बढ़ रही हैं। किसान भी अब राहत महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में तालाब-पोखर भरने लगे हैं, जिससे पेयजल संकट कम होने की उम्मीद है।

सावधानी भी जरूरी
हालांकि बारिश से जहां खुशहाली का माहौल है, वहीं विशेषज्ञ लगातार सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। बांध का गेट खोले जाने से नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएं।
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