ग्वालियर के बसंत विहार क्षेत्र की जर्जर सड़कों से परेशान लोगों की आवाज़ इस बार अनोखे अंदाज़ में उठी है। बीजेपी पार्षद अपर्णा पाटिल ने नगर निगम प्रशासन और कांग्रेस की नगर सरकार पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों में सड़कें नहीं सुधरीं तो वह निगम मुख्यालय के सामने अपना रक्त बहाकर विरोध जताएंगी।
सड़कें, जो कभी विकास की रीढ़ कही जाती हैं, यहां अब जनता की बेचैनी का प्रतीक बन गई हैं। बारिश से लबालब गड्ढे, धूल भरी पटरियां और वाहन पलटने की घटनाएं इलाके के लोगों को जैसे रोज़ इम्तिहान दे रही हों।
सोशल मीडिया से उठा तूफ़ान
अपर्णा पाटिल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि बसंत विहार के लोग टैक्स देते हैं, उनके घरों की लाइट जलती है, पानी का बिल भरते हैं… फिर भी सड़कें कब सुधरेंगी, इसका कोई जवाब नहीं मिलता। वीडियो में उनकी आवाज़ में नाराजगी नहीं, बल्कि चार साल पुरानी थकान का भार लगता है।
उन्होंने कहा
“तीन साल से सड़क निर्माण के लिए चक्कर काट रही हूँ। हादसों में लोग घायल हो रहे हैं। ऑटो पलट रहे, बाइक सवार गिर रहे। अगर 15 दिन में सड़क नहीं बनी तो मैं अपने खून से विरोध दर्ज कराऊंगी।”
यह चेतावनी भावनात्मक थी, लेकिन एक सच्चाई का आईना भी: जब जनता का प्रतिनिधि खुद दर्द महसूस करने लगे, तो समझिए समस्या गहरी है।

क्षेत्र में लगातार हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की हालत इतनी खराब है कि सामान्य बारिश के बाद भी रास्ते दलदल बन जाते हैं। वाहन चालकों के लिए हर सफर मानो गड्ढों से गुज़रने की प्रतियोगिता बन गया है।
ऑटो पलटने के मामले सामने आए हैं, लोग जख्मी हुए हैं, और अब जनता का सब्र भी टूट रहा है।
राजनीतिक तकरार की जमीन
ग्वालियर में नगर सरकार कांग्रेस की है जबकि अपर्णा पाटिल बीजेपी से आती हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ सड़क मरम्मत का नहीं, बल्कि राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला भी बन गया है। विपक्षी मेहनत और सत्ताधारी लापरवाही… दोनों की जुगलबंदी सड़क की धूल में तैरती दिखाई देती है।