स्विट्ज़रलैंड के डावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में मध्यप्रदेश की सक्रिय और प्रभावी सहभागिता के बाद प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भोपाल लौटे। राजधानी पहुंचने पर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की, जहां मुख्यमंत्री ने उनका आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया।
इस अवसर पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी, निवेश संभावनाओं और वैश्विक मंच पर राज्य की सकारात्मक छवि को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति से राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे।

मध्यप्रदेश की वैश्विक पहचान को मिला नया आयाम
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री को डावोस फोरम के दौरान हुए महत्वपूर्ण सत्रों, उद्योगपतियों और वैश्विक निवेशकों के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, कृषि आधारित उद्योग और उपभोक्ता क्षेत्र में मध्यप्रदेश को लेकर निवेशकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को अनुकूल माहौल, पारदर्शी नीतियां और बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। डावोस फोरम में मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाएं इस दिशा में सरकार के प्रयासों की पुष्टि करती हैं।
विकास और निवेश पर केंद्रित रही चर्चा
भेंट के दौरान प्रदेश की सस्ती बिजली, मजबूत कृषि आधार, बेहतर सड़क नेटवर्क और औद्योगिक नीतियों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में निवेश और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने डावोस फोरम में मिली उपलब्धियों को धरातल पर उतारने के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की भागीदारी राज्य के समग्र विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।