डीफार्मा की पढ़ाई छोड़ जैन संत बनेंगे 27 वर्षीय अनिष्क कांठेड़ !

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ब्यावर के रहने वाले 27 वर्षीय अनिष्क कांठेड़ ने सांसारिक जीवन और पढ़ाई को छोड़कर संयम का मार्ग अपनाने का निर्णय लिया है। डीफार्मा के छात्र अनिष्क 28 जनवरी को बीकानेर के उदासर में जैन भगवती दीक्षा ग्रहण करेंगे। उन्हें यह दीक्षा व्यसन मुक्ति के प्रणेता जैनाचार्य प्रवर रामलालजी महाराज (रामगुरु) प्रदान करेंगे। अनिष्क के इस निर्णय से ब्यावर सहित देशभर के जैन समाज में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है।

अनिष्क कांठेड़ से पहले उनके परिवार के पांच सदस्य दीक्षा ले चुके हैं। उनके पिता प्रेमचंद कांठेड़ का निधन हो चुका है। मां नीता कांठेड़ समाज और धार्मिक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़ी रहती हैं। उनकी एक बहन का विवाह हो चुका है, जबकि दूसरी बहन जैन साध्वी बन चुकी हैं। इसके अलावा उनकी मौसी भी साध्वी हैं। इस तरह अनिष्क का परिवार पहले से ही संयम और त्याग के मार्ग से गहराई से जुड़ा रहा है।

ब्यावर में शुरू हुए धार्मिक कार्यक्रम
दीक्षा से पूर्व ब्यावर में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ब्यावर स्थित जैन जवाहर भवन में श्री साधुमार्गी जैन श्रावक संघ की ओर से आयोजन हो रहे हैं। भगवान महावीर, आचार्य नानेश और आचार्य रामगुरु के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

श्री साधुमार्गी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष गौतम चौधरी ने बताया कि विराट दीक्षा महोत्सव को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। संघ महामंत्री धर्मीचंद ओस्तवाल के अनुसार, केंद्रीय कार्यालय आनंद भवन में प्रतिदिन बैठकों का आयोजन हो रहा है। विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

संयम शुभारंभ महोत्सव और कुंकुम समारोह
24 जनवरी को विनोद नगर स्थित जैन जवाहर भवन के नानेश रत्नम हॉल में मुमुक्षु अनिष्क कांठेड़ के दीक्षा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ ‘संयम शुभारंभ महोत्सव एवं कुंकुम समारोह’ के साथ हुआ। इस अवसर पर नगर और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। समारोह में भगवान महावीर स्वामी और गुरु भगवंतों के जयकारे गूंजते रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिष्क के मामा और केकड़ी संघ के महामंत्री ऋषभ सोनी ने किया।

चौबीसी गीतों से भावुक हुआ परिवार
अनिष्क के सम्मान में जैन मित्र मंडल की तीनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में चौबीसी गीतों का आयोजन किया गया। लगभग दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम में समता महिला मंडल और श्राविकाओं ने 24 तीर्थंकरों की स्तुति में भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए। एक संयम भजन के दौरान अनिष्क और उनका पूरा परिवार भावुक हो गया, जिससे माहौल और भी संवेदनशील बन गया।

देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
28 जनवरी को बीकानेर के उदासर में होने वाले दीक्षा महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जैन समाज इसे एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक अवसर मान रहा है। अनिष्क कांठेड़ का संयम पथ की ओर बढ़ता कदम युवाओं के लिए भी एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जो भौतिक जीवन छोड़कर आध्यात्मिक शांति और साधना का मार्ग चुन रहे हैं।

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