सागर नगर में मंगलवार को डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान दानवीर डॉ. सर हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा तीनबत्ती से प्रारंभ हुई और सागर के प्रमुख स्थानों से होते हुए विश्वविद्यालय परिसर स्थित गौर समाधि प्रांगण पर समाप्त हुई। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें नगरवासियों और विश्वविद्यालय परिवार ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शोभायात्रा का शुभारंभ
शोभायात्रा की शुरुआत तीनबत्ती चौराहे पर डॉ. गौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनकी महान उपलब्धियों को स्मरण करते हुए अपने उद्बोधन में कहा,
“डॉ. सर हरिसिंह गौर जैसे महापुरुष साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी दूरदृष्टि और शिक्षा के प्रति समर्पण ने उन्हें सागर में विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। आज भी उनकी विरासत लोगों के दिलों में जीवित है।”
शोभायात्रा में विधायक शैलेंद्र जैन सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया और डॉ. गौर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोभायात्रा का मार्ग और विशेषताएँ
घोड़ा-बग्गी पर डॉ. गौर की तस्वीर लेकर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा बैंड-बाजे और पारंपरिक अखाड़ों की प्रस्तुतियों के साथ तीन मढ़िया, बस स्टैंड, गोपालगंज, स्वीडिश मिशन आदि स्थानों से गुजरी। इसमें नगर के अनेक लोग और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
शोभायात्रा विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने के बाद गौर समाधि प्रांगण में सम्पन्न हुई, जहां प्रतिभागियों ने गौर प्रतिमा और समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्य समारोह का आयोजन
शोभायात्रा के समापन के बाद विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और डॉ. गौर के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और गौर गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं पूर्व आईपीएस कन्हैया लाल बेरवाल ने की। केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, सागर सांसद लता वानखेड़े, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री उदय प्रताप सिंह, विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और शैलेंद्र जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
दानदाताओं और मेधावियों का सम्मान
समारोह में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने गौर पीठ के दानदाताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर कई विशिष्ट व्यक्तियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें पूर्व सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, समाजसेवी रघु ठाकुर, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति चौहान और अन्य गणमान्य शामिल थे।
साथ ही, विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया और विभिन्न कक्षाओं के मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया गया।

डॉ. गौर की विरासत को सजीव रखने का संकल्प
समारोह में सभी ने यह संकल्प लिया कि डॉ. गौर की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन ने यह प्रमाणित किया कि डॉ. सर हरिसिंह गौर की स्मृतियां न केवल विश्वविद्यालय परिवार बल्कि पूरे शहर के दिलों में अमिट हैं।
जय हो