खुरई। ऐतिहासिक खुरई किला एक बार फिर सांस्कृतिक वैभव और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बन गया, जब बहुप्रतीक्षित डोहेला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा किला प्रांगण स्थित डोहेला मंदिर में भगवान भोलेनाथ के अभिषेक और मां बीजासन की पूजा-अर्चना के साथ इस महोत्सव की शुरुआत हुई। भव्य आतिशबाजी और पारंपरिक विधि-विधान के बीच शुरू हुए इस आयोजन ने पहले ही दिन लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया।

आध्यात्मिकता और परंपरा के साथ शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों से हुई, जिसमें वेदपाठी ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन किया। इसके बाद सरस्वती पूजन और कन्यापूजन कर मंचीय कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और मां बीजासन से आयोजन की निर्विघ्न सफलता की कामना की।
कैलाश खेर की प्रस्तुति ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन प्रसिद्ध शिवभक्त और पद्मश्री गायक कैलाश खेर की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। किला मैदान में मौजूद लगभग एक लाख दर्शक उनके गीतों पर झूम उठे। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भक्ति गीतों “हेरी सखी मंगल गाओ” और “विनती सुन लो आज” से की, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इसके बाद उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत जैसे “अगड़म बगड़ बम बम लहरी”, “अल्लाह के बंदे हंस दे”, “तेरी दीवानी” और “सइयां” प्रस्तुत किए। साथ ही उन्होंने “स्वदेस”, “मंगल पांडे”, “फना”, “कॉरपोरेट”, “बाहुबली” और “दंगल” जैसी फिल्मों के गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सूफी और लोक संगीत के अद्भुत मिश्रण ने उनकी प्रस्तुति को खास बना दिया।
दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव
अपने संबोधन में कैलाश खेर ने कहा कि खुरई की जनता बेहद शांत और अनुशासित है। उन्होंने इस आयोजन को किसी पौराणिक स्थल जैसा अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि “ऐसा लग रहा है जैसे मैं किसी शिवधाम में प्रस्तुति दे रहा हूं।”
उन्होंने भूपेन्द्र सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने तीन पीढ़ियों को एक साथ जोड़ने का कार्य किया है, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने अपनी प्रस्तुति को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभूति बताया।
विकास और सांस्कृतिक पहचान पर जोर
अपने संबोधन में भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई किला कभी खंडहर बन चुका था, लेकिन योजनाबद्ध विकास के माध्यम से इसे ईडन गार्डन जैसे सुंदर मैदान में परिवर्तित किया गया। आज यह स्थान खुरई की सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल गतिविधियों का केंद्र बन चुका है।

उन्होंने बताया कि इस विकास से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका भी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि डोहेला महोत्सव ने “मुंबई और खुरई, अमीरी और गरीबी के बीच की दूरी को समाप्त कर दिया है।”
इतिहास से जोड़ने का प्रयास
उन्होंने युवाओं से खुरई के इतिहास को जानने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सन् 1707 में राजा खेमचंद्र दांगी ने इस किले का निर्माण कराया था और 1752 में किले के भीतर डोहेला मंदिर की स्थापना हुई। आज यह स्थल खुरई की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बन चुका है।
प्रधानमंत्री के अभियान से जुड़ाव
अपने भाषण में उन्होंने कैलाश खेर के सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं और नारी सशक्तिकरण सहित कई सामाजिक अभियानों से जुड़े हुए हैं।
विशाल भीड़ और उत्कृष्ट व्यवस्थाएं
महोत्सव के पहले दिन लगभग एक लाख लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर लाइव प्रस्तुति का आनंद लिया, जबकि हजारों लोगों ने मेगा एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम देखा। किला मैदान से लेकर मार्केट कॉम्प्लेक्स और नगर के मुख्य बाजारों तक भारी भीड़ उमड़ी रही।

व्यापारिक स्टालों पर भी खरीदारों की भीड़ देखी गई, जिससे स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिला। मौसम ने भी आयोजन का पूरा साथ दिया, जिससे कार्यक्रम और भी सफल रहा।
मंच संचालन और व्यवस्थाएं
कार्यक्रम का संचालन एंकर प्रिया वाडेकर ने किया, जिन्होंने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा। आयोजन के दौरान प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्थाएं भी सुचारू रहीं।
खिलाड़ियों और विद्यार्थियों का सम्मान
डोहेला महोत्सव के मंच से खुरई का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें जुन्नत कुर्मी (खो-खो), जय श्री पंथ (फुटबॉल), सृजल जैन (एथलेटिक्स) और कृष्णा सिंह दांगी (कराटे) शामिल हैं।
इसके अलावा कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह, नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। यह पहल युवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दूसरे दिन का आकर्षण: आकासा सिंह
महोत्सव के दूसरे दिन बॉलीवुड सिंगर आकासा सिंह की प्रस्तुति होगी। उनका प्रसिद्ध गीत “खींच मेरी फोटो” फिल्म “सनम तेरी कसम” से काफी लोकप्रिय हुआ था। इसके अलावा उन्होंने “भारत” फिल्म का “ऐथे आ”, “स्वीटी वेड्स एनआरआई” का “कुड़ी गुजरात दी” और “लव आज कल” का “दिल ना जानेया” जैसे हिट गाने गाए हैं।
डोहेला महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह खुरई की पहचान, परंपरा और विकास का प्रतीक बन चुका है। यह आयोजन आम और खास के बीच की दूरी को मिटाकर कला, संस्कृति और आस्था को एक मंच पर लाने का कार्य कर रहा है।
पहले ही दिन की भव्य सफलता ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में यह महोत्सव और भी बड़े स्तर पर अपनी छाप छोड़ेगा।