बीना। बीना विधानसभा क्षेत्र के बम्होरी खाड़ेरा गांव का आधा हिस्सा पिछले लगभग तीन महीनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। गांव में बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कंपनी द्वारा बकाया बिलों के कारण गांव के एक हिस्से की बिजली काट दी गई है, जिससे वहां रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हो गए हैं।
ट्रांसफार्मर खराब, बिजली आपूर्ति बंद

ग्रामीणों के अनुसार गांव के स्कूल के पास लगा ट्रांसफार्मर करीब तीन महीने से खराब पड़ा हुआ है। इसके कारण आधे गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद है। बिजली कंपनी का कहना है कि गांव के कई लोगों ने लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, जिसके चलते आपूर्ति बंद की गई है। हालांकि, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने समय पर बिल जमा कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें भी बिजली न होने की समस्या झेलनी पड़ रही है।
बुनियादी सुविधाओं पर पड़ा असर
बिजली न होने से गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी काफी परेशानी हो रही है। पीने के पानी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है, क्योंकि कई जगह मोटर पंप बिजली से चलते हैं। इसके अलावा गेहूं पिसवाने के लिए भी ग्रामीणों को दूसरे गांवों का सहारा लेना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने जैसी छोटी जरूरतें भी अब बड़ी परेशानी बन गई हैं। कई लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए गांव के दूसरे हिस्से या आसपास के क्षेत्रों में जाते हैं।

अंधेरे से बढ़ा डर और असुरक्षा
शाम ढलते ही गांव के प्रभावित हिस्से में घना अंधेरा छा जाता है। बिजली न होने से रात के समय लोगों को घरों के बाहर निकलने में भी डर लगता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा भी बना रहता है। कई बार बच्चों और बुजुर्गों को रात में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा असर
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर गांव के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब स्थानीय कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण छात्रों को दीपक या मोबाइल की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कक्षा 11वीं के छात्र साकेत कुर्मी ने बताया कि मोबाइल चार्ज करने के लिए उसे गांव के दूसरे हिस्से में जाना पड़ता है। वहां मोबाइल चार्ज करने के बाद वह उसी की रोशनी में पढ़ाई करता है, क्योंकि गांव में लालटेन और मोमबत्ती भी आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि अंधेरे में पढ़ाई करना काफी मुश्किल होता है और इससे पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत
गांव के प्रदीप कुर्मी, रामजी कुर्मी, रामबाबू रजक, श्याम बिहारी कुर्मी और लच्छू अहिरवार सहित कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण गांव का आधा हिस्सा अंधेरे में है, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया गया है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो।
समाधान की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो उनकी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि गांव में फिर से रोशनी लौट सके और लोग सामान्य जीवन जी सकें।