थाईलैंड के बौद्ध साधु ब्लैकमेलिंग स्कैंडल: ‘मिस गोल्फ’ के काले कारनामों का खुलासा, पुलिस और धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया!

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थाईलैंड में बौद्ध धर्म के अनुयायी साधुओं से ब्रह्मचर्य का पालन करने की उम्मीद रखते हैं। लेकिन ‘मिस गोल्फ’ ने इसी कुप्रथा का शातिराना फायदा उठाया। उसने साधुओं के साथ नजदीकी संबंध बनाए, उनका हवस के जाल में फंसा कर आपत्तिजनक वीडियो बनाए और फिर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

पुलिस को यह मामला तब पता चला जब जून 2025 में बैंकॉक के एक बौद्ध साधु ने अचानक संन्यास छोड़ने का फैसला कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि साधु इस ब्लैकमेलिंग से परेशान था। पुलिस ने गहराई से जांच की तो पाया कि ‘मिस गोल्फ’ ने अकेले इस एक साधु से लगभग 70 लाख थाई बाट (करीब 18.5 करोड़ रुपये) वसूले थे।

पुलिस की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ कि ‘मिस गोल्फ’ ने कम से कम 9 बौद्ध साधुओं को इस तरीके से ब्लैकमेल किया है। इन सभी से कुल 385 मिलियन थाई बाट यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली की गई। यह काला कारोबार पिछले तीन सालों से जारी था।

‘मिस गोल्फ’ को गिरफ्तार कर उसके घर पर छापेमारी की गई, जहां से 80,000 से अधिक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुईं। ये सभी साक्ष्य साबित करते हैं कि किस तरह इस महिला ने बौद्ध साधुओं के ब्रह्मचर्य नियमों का उल्लंघन कर उनका शोषण किया।

थाईलैंड में बौद्ध धर्म की गहरी जड़ें हैं, और साधुओं का समाज में विशेष स्थान है। इस स्कैंडल ने न केवल साधुओं की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे देश की आस्था को भी हिला दिया है। लोग और धार्मिक संस्थान इस घटना से सदमे में हैं।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इंस्पेक्टर जनरल सोमचाई ने कहा,
“यह मामला थाईलैंड के लिए अत्यंत गंभीर है। हमने ‘मिस गोल्फ’ को गिरफ्तार कर उसके ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। हम दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। इस तरह के कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक और सामाजिक विश्वासों को भी ठेस पहुंचाते हैं।”


धर्मशास्त्री और थाईलैंड के प्रमुख बौद्ध संन्यासी, भिक्षु वटसाना ने कहा,
“बौद्ध धर्म में ब्रह्मचर्य का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। साधुओं का इस प्रकार का कृत्य समाज के लिए चिंता का विषय है। हालांकि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, हमें इन दोषियों को पहचान कर उचित दंड देना होगा। हम सभी से निवेदन करते हैं कि इस घटना से आस्था में मत डगमगाएं और धर्म के मूल सिद्धांतों का पालन करें।”


थाईलैंड के बौद्ध संस्थानों ने कहा है कि वे इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, उन्होंने जनता से इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सजग और सहयोगी बने रहने की अपील की है।

पुलिस ने बताया है कि साधुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। देश के धार्मिक और सामाजिक ताने-बाने की सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है।


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