सागर। वनमंडल दक्षिण सागर के सिरोजा काष्ठागार में मंगलवार को शाखकर्तन कार्य को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन वन संरक्षक रिपुदमन सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन एवं वनमंडल अधिकारी वरूण यादव के निर्देशन में किया गया।
बैठक में भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, उपवनमंडल अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा जिला लघु वनोपज यूनियन दक्षिण सागर अंतर्गत 23 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक, पोषक अधिकारी और क्रेता उपस्थित रहे।
स्थल पर शाखकर्तन विधि का प्रदर्शन
उपवनमंडल अधिकारी श्रीमती विनीता जाटव ने मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ, भोपाल से प्राप्त निर्देशों के अनुसार शाखकर्तन की विधि का स्थल पर प्रदर्शन किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को शाखाओं की सही कटाई, समय और तकनीक के संबंध में विस्तृत जानकारी दी, ताकि तेंदूपत्ता की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
तेंदूपत्ता संग्रहण का प्रथम चरण

वनमंडल अधिकारी वरूण यादव ने बताया कि शाखकर्तन कार्य तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन का प्रथम और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। सही तरीके से शाखकर्तन करने से पत्तों की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे संग्राहकों को अधिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि शासन ने इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और समितियों को निर्देशित किया है कि कार्य पूर्ण निष्ठा और सावधानी से किया जाए।
21,220 मानक बोरा का लक्ष्य
संघ मुख्यालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए जिला यूनियन दक्षिण सागर को 21,220 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत 10 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक शाखकर्तन कार्य किया जाएगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य की पूर्ति के साथ-साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि संग्राहकों की आय में वृद्धि हो और शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीण अंचल तक प्रभावी रूप से पहुंचे। बैठक के अंत में सभी उपस्थितों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।