दतिया अस्पताल में 13 दिन की नवजात जिंदगी से जूझ रही !

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दतिया जिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में एक 13 दिन की नवजात बच्ची जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। ऑक्सीजन सपोर्ट और मशीनों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि पिछले पांच दिनों से उसके परिजन उसे देखने तक नहीं पहुंचे हैं। फिलहाल डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ही उस मासूम की देखभाल कर रहे हैं।

निजी अस्पताल में हुआ था जन्म

जानकारी के अनुसार बच्ची की मां संध्या पत्नी आशीष ने दतिया के एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के समय बच्ची का वजन काफी कम था। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत उसे विशेष देखभाल की जरूरत बताते हुए एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने की सलाह दी।

4 मार्च को जिला अस्पताल में कराया भर्ती

परिजन 4 मार्च को नवजात को दतिया जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराने पहुंचे थे। भर्ती के दौरान उन्होंने अस्पताल के रजिस्टर में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया, लेकिन इसके बाद वे अस्पताल से चले गए और कई दिनों तक वापस नहीं लौटे।

इसके बाद से वह मासूम अस्पताल के वार्ड में अकेली ही भर्ती है। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ही उसकी देखभाल कर रहे हैं, दवाइयां दे रहे हैं और उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रहा इलाज

डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत नाजुक होने के कारण उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। उसकी सांस, तापमान और अन्य जरूरी पैरामीटर पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि समय पर उचित इलाज दिया जा सके।

परिजनों से संपर्क की कोशिश

अस्पताल प्रबंधन ने कई बार बच्ची के पिता और अन्य परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस के फोन के बाद पहुंचा पिता

अस्पताल की सूचना पर प्रभारी थाना प्रभारी अंशुल अरोरा ने बच्ची के पिता आशीष से संपर्क किया। पुलिस के फोन करने के बाद देर शाम पिता अस्पताल पहुंचा।

उसने डॉक्टरों से बच्ची की हालत के बारे में जानकारी ली और इलाज से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। हालांकि इसके बाद वह फिर अस्पताल से चला गया।

बच्ची की हालत स्थिर

जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. डीएस तोमर के अनुसार बच्ची का इलाज एसएनसीयू वार्ड में जारी है और फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

अस्पताल स्टाफ का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यह नन्ही जिंदगी जल्द स्वस्थ होकर सुरक्षित अपने परिवार के पास लौट सके।

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